सवाई माधोपुर: राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा तमाम प्रयास किए जाते हैं, जिसमें उड़न दस्तों का गठन भी शामिल है। लेकिन सवाई माधोपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां जिम्मेदार लोग ही नकल करवाने में शामिल पाए गए हैं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मलारना स्टेशन में अप्रैल 2025 में हुई बोर्ड परीक्षाओं का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक और नकल रोकने के लिए नियुक्त फोटोग्राफर ही छात्रों को उत्तर बताते और नकल करवाते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
वायरल वीडियो में मलारना स्टेशन के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। वीडियो में एक शिक्षक, जो जींस और चेकदार शर्ट पहने हुए है, हाथ में पर्चा लिए टेबल पर बैठकर छात्रों को उत्तर (अ, ब, स, द) बता रहा है। इतना ही नहीं, नकल रोकने के लिए तैनात फोटोग्राफर, जो चेक शर्ट और जींस में है, भी छात्राओं को उत्तर बताते और नकल करवाते दिख रहा है। वीडियो में छात्र भी बेधड़क एक-दूसरे की कॉपियां बदलते और पूछकर नकल करते नजर आ रहे हैं। इस लापरवाही ने बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो वायरल होने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) हरकेश मीना ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही तत्काल एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी वायरल वीडियो और उसमें दिख रही अनियमितताओं की गहन जांच करेगी। उन्होंने कहा कि दोषी शिक्षकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षाधिकारी हरकेश मीना ने बताया कि चूंकि बोर्ड परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं और परिणाम जल्द घोषित होने वाला है, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में दिख रहे शिक्षक और फोटोग्राफर की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना न केवल नकल रोकथाम के दावों की पोल खोलती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। जब शिक्षक और नकल रोकने के लिए नियुक्त कर्मचारी ही अनियमितताओं में शामिल हों, तो परीक्षाओं की निष्पक्षता कैसे बरकरार रह सकती है? स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। शिक्षा विभाग से मांग की जा रही है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।











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