मुज़फ्फरनगर। गंगा नदी से रेत निकालते समय बीते दो सप्ताह पूर्व लापता हुए मजदूर चंद्रबोस सैनी का शव शनिवार को गंगा नदी से बरामद हो गया है। शव मिलने के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।
भोपा थाना क्षेत्र के मजलिसपुर तौफीर निवासी 45 वर्षीय चंद्रबोस सैनी (पुत्र हरदयाल सैनी) एक छोटे किसान थे और अपने परिवार का भरण-पोषण गंगा नदी से बालू निकालकर बेचकर करते थे।
बीते 14 सितंबर की सुबह, चंद्रबोस अपने चचेरे भाई अरुण और परिवार के ही विनोद के साथ भैंसा-बोगी से बालू निकालने गंगा नदी गए थे। नदी से रेत निकालते समय चंद्रबोस रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। उनके कपड़े और मोबाइल किनारे पर रखे मिले थे।
साथ मौजूद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि मगरमच्छ द्वारा चंद्रबोस को निगल लिया गया होगा। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से काफी समय तक तलाश की थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी।
शनिवार को भी कुछ ग्रामीण चंद्रबोस की तलाश में नदी किनारे गए थे, तभी उन्हें गंगा की झाड़ियों में एक अटका हुआ शव दिखाई दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। मौके पर मौजूद परिजनों ने शव की शिनाख्त चंद्रबोस के रूप में की।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) भोपा देवव्रत वाजपई ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच-पड़ताल जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मृतक चंद्रबोस सैनी अपने पीछे पत्नी सुनीता और पाँच बच्चों—पुत्री कामिनी (21), चांदनी (19), अन्नू (15), रमा (13) तथा पुत्र अभिषेक (17)—को छोड़ गए हैं।










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