मोरना। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। गंगा की धारा लगातार सूखने से साधु-संतों और श्रद्धालुओं में आक्रोश बढ़ने लगा है। गंगा में जल छोड़ने के प्रशासन के झूठे आश्वासनों के खिलाफ रविवार को घाट पर पहुंचे पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और प्रशासन से गंगा का जलस्तर बढ़ाने की मांग की।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ में गंगा का जल स्तर बीते एक सप्ताह से लगातार घट रहा है जिससे मुख्य घाट पर गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं को वहां फैली कीचड़ से होकर गंगा के मध्य में जाना पड़ रहा है। साथ ही गंगा मे मोटर बोट चलाने में भी परेशानी हो रही है। जल स्तर घटने से घाटों के पास भारी गंदगी फैल गयी है। जल प्रवाह के कम होने से जलकुम्भी किनारो पर फैल गयी है। आस-पास फैली गंदगी के कारण श्रद्धालू बेहद खिन्न नजर आते हैं।
गंगा घाट पर अनुष्ठान सम्पन्न कराने वाले पुरोहित व प्रसाद विक्रेताओं ने बताया कि जल स्तर कम होने से श्रद्धालुओं की संख्या भी कम होने लगी है। मोटर बोट चलाने वाले नाविकों ने बताया कि पानी कम होने से बोट घाट तक नहीं जा पा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
रविवार को श्री गंगा सेवा समिति के महामंत्री महकार सिंह के नेतृत्व मे एक प्रदर्शन किया गया, जिसमें विनोद शर्मा, देवेंद्र, इंद्रपाल सिंह, पुरोहित राजेश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, गोपाल शर्मा, सचिन शर्मा, रणजीत शुक्ला, पुन्ना बहादुर शर्मा, सनी, गोरी शर्मा, टिंकू शर्मा, प्रसाद विक्रेता महेश शर्मा, गौरव, शिवम, विकास, देवा, हार्दिक, नाविक दीपक, रामकुमार, नीटू, प्रमोद, जितेंद्र आदि नारे बाजी करते हुए गंगा घाट पर पहुंचे तथा जल स्तर बढ़ाने को प्रदर्शन किया।
एसडीएम जानसठ जयेंद्र सिंह, तहसीलदार जानसठ सतीश चंद्र बघेल, नायब तहसीलदार ब्रिजेश कुमार ने नगरी में पहुंचकर गंगा घाट का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों से वहां फैली जल कुंभी हटवाई। एसडीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर शीघ्र जल स्तर बढ़ाने का आश्वासन दिया।










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