नई दिल्ली : देश की सबसे चर्चित IAS अधिकारिओं में शामिल परी बिश्नोई ने साल 2019 में संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की थी। परी बिश्नोई अपने समाज की पहली महिला आईएएस ऑफिसर हैं। उनके पति हरियाणा की आदमपुर सीट से विधायक रहे हैं। वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के परिवार की बहू हैं।परी की सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायक है।
आईएएस परी बिश्नोई राजस्थान के बीकानेर जिले से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से ली।
परी बिश्नोई उच्चतर पढ़ाई के लिए दिल्ली आईं और दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज में एडमिशन लिया। आईएएस परी बिश्नोई ने यूपीएससी से पहले नेट-जेआरएफ की परीक्षा भी पास की थी।
परी ने डीयू से ग्रेजुएशन की और UPSC की तैयारी में लग गई। अपनी मेहनत और लगन के बल पर परी बिश्नोई ने महज 23 साल की उम्र में बनकर एक मिसाल कायम की।
परी बिश्नोई ने UPSC Exam के तीसरे अटेंप्ट में 30वीं रैंक हासिल की। तैयारी के दौरान वो पूरी तरह एक साध्वी का जीवन व्यतीत करती थीं।
उनके पिता मनीराम बिश्नोई एक वकील है। वहीं, उनकी मां सुशीला बिश्नोई अजमेर जिले में GRP थानाधिकारी है। उनके दादा जी नोखा जिले के काकडा के 4 बाद सरपंच रहे हैं।
उनके पति हरियाणा की आदमपुर सीट से विधायक थे लेकिन हाल ही में हुए चुनाव में उन्हें हार मिली है। वह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल के परिवार की बहू हैं।
परी बिश्नोई के ससुर कुलदीप बिश्नोई भी राजनीति में सक्रिय हैं। कुलदीप बिश्नोई भाजपा के स्टार नेता व अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक हैं।











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