मुजफ्फरनगर। छपार टोल प्लाजा के डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की हत्या को लेकर विवाद और गहरा गया है। राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति के अध्यक्ष मांगेराम त्यागी के धरने के बाद टोल ठेकेदार एवं पूर्व बुढाना ब्लॉक प्रमुख और रालोद नेता विनोद मलिक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मांगेराम त्यागी उनसे हर महीने 1 लाख रुपये रंगदारी वसूलता है।
पूर्व प्रमुख का आरोप है कि हत्या के दिन टोल कर्मचारियों को बहकाकर धरना करवाया गया और टोल बंद करवा दिया गया, जिससे करीब ₹15 लाख का राजस्व नुकसान हुआ। उन्होंने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
विनोद मलिक के अनुसार, 11 जुलाई से उनका टोल प्रबंधन है। पूर्व में वहां जो स्टाफ काम करता था, वह मांगेराम त्यागी के प्रभाव वाला अनक्वालिफाइड स्टाफ था। उन्होंने बताया कि वो उन कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन कर रहे थे, जिससे मांगेराम को आपत्ति हुई। टोल ठेकेदार ने मांगेराम त्यागी से जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है और साथ ही एसएसपी संजय वर्मा से शिकायत की है ताकि अवैध वसूली और राजस्व वसूली में हुई धांधली की जांच हो। मांगेराम पर आरोप है कि उन्होंने हत्या की साजिश भी रची है।
मामले की शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ठेकेदार विनोद मलिक की रिपोर्ट पर जांच के आदेश दिए है, यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो हत्या, रंगदारी और सरकारी राजस्व हानि के लिए कानूनी एवं आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कलह ने टोल प्रबंधन और स्थानीय राजनीतिक प्रभाव के मुद्दे को उभारा है, उससे प्रशासन दबाव में है।










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