शामली। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के आह्वान पर शामली में आयोजित ट्रैक्टर तिरंगा मार्च के दौरान उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने लगे। पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद किसान परिसर में घुस गए और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
यह यात्रा मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित एमएस फार्म से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंची। किसानों ने अपने ट्रैक्टरों पर तिरंगा झंडा लगाकर यात्रा में भाग लिया। सुबह से ही गांव-गांव से ट्रैक्टरों की लंबी कतारें शामली की ओर बढ़ने लगी थीं, जिसे देखते हुए पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर रखा था।
कलेक्ट्रेट गेट पर ट्रैक्टरों को प्रवेश से रोकने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच गहमा-गहमी हुई, लेकिन अंततः किसान ट्रैक्टरों को भीतर ले जाने में सफल रहे। पुलिस पूरे घटनाक्रम में मूक बनी रही, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटयान ने कहा कि तिरंगा यात्रा हर साल 15 अगस्त को होती है, लेकिन इस बार 13 अगस्त को इसलिए आयोजित की गई ताकि राष्ट्रीय पर्व के दिन किसी को असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि किसानों की मुख्य मांगों में MSP की गारंटी, पुराने मुकदमों की वापसी, फसलों के उचित दाम और वन कटाई जैसे मुद्दे शामिल हैं।











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