मुज़फ्फरनगर। तकनीक के इस तेज़ी से बदलते दौर में जहाँ सुविधाएँ बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराध का ख़तरा भी दोगुना हो गया है। आम आदमी से लेकर ख़ास आदमी तक, ऑनलाइन ठगी से कोई भी सुरक्षित नहीं है। इसी सिलसिले में बुधवार को जिला पंचायत सभागार में साइबर क्राइम पुलिस की ओर से सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए एक विशेष साइबर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में साइबर पुलिस की टीम ने विस्तार से बताया कि कैसे ऑनलाइन फ्रॉड, बैंकिंग ठगी, फर्जी ऐप्स, सोशल मीडिया हैकिंग, फ़िशिंग लिंक, ओटीपी स्कैम आदि के जरिए लोग शिकार बन रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने चेताया कि एक छोटी सी लापरवाही से जीवनभर की कमाई खतरे में पड़ सकती है।
गोष्ठी में बताया गया कि साइबर ठगी की शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। समय पर कार्रवाई से न केवल नुकसान कम किया जा सकता है, बल्कि अपराधी तक पहुंचना भी संभव हो सकता है।
साइबर पुलिस ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे इस नई जानकारी को अपने परिवार, मोहल्ले और समाज में साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक बनें।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही था कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की साझी जवाबदारी है। गोष्ठी ने यह साबित किया कि जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।










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