जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एक पिता ने बेटे की चाहत में अपनी 18 माह की मासूम बेटी को नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपित पिता को हिरासत में ले लिया है और गोताखोरों की मदद से बच्ची की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्राधिकारी (CO) अजीत रजक और कोतवाली प्रभारी दीपेंद्र सिंह सहित पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और बच्ची की तलाश में जुट गई।
तीसरी बेटी के जन्म पर करता था झगड़ा-
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपित अशोक विश्वकर्मा (निवासी खड़गसेनपुर, केराकत) अपनी पत्नी संजू विश्वकर्मा और तीन बेटियों (आकांक्षा-18, शिष्टि-13, और 18 माह की रुतबी) के साथ रहता था।
घटनाक्रम: पत्नी संजू विश्वकर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह अशोक छोटी बेटी रुतबी को घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला और काफी देर तक वापस नहीं लौटा। बाद में, गांव के एक व्यक्ति ने परिवार को बताया कि अशोक को बच्ची के साथ नदी के किनारे देखा गया था।
बेटे की चाहत: परिवार को तुरंत शक हुआ क्योंकि घर में तीसरी बेटी (रुतबी) के जन्म को लेकर अशोक काफी विवाद करता था। वह बेटा चाहता था और बेटी होने पर अक्सर घर में झगड़ा करता था, जिससे वह तनाव में रहने लगा था।
पुलिस हिरासत में आरोपित, नदी में तलाश जारी-
परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और नदी के किनारे पहुंचे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित पिता अशोक विश्वकर्मा को हिरासत में ले लिया।
तलाश: पुलिस गोताखोरों की मदद से नदी में फेंकी गई बच्ची रुतबी की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
आरोपित का प्रोफेशन: क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपित अशोक मुंबई में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है और बुधवार शाम को ही उसका मुंबई जाने का टिकट था।
पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।










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