लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन योगी सरकार द्वारा पेश किए गए 24,496.9 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने कड़ा प्रहार किया है। सपा नेताओं ने सरकार पर बजट खर्च न कर पाने और जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।
“सिर्फ 24% बजट हुआ खर्च, फिर नया क्यों?”— विपक्ष का सवाल-
सपा विधायक कमल अख्तर ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब सरकार पिछला बजट ही पूरा खर्च नहीं कर पाई है (अब तक केवल 24 प्रतिशत खर्च हुआ है), तो नया अनुपूरक बजट लाने का क्या औचित्य है? सरकार बड़ा बजट दिखाकर जनता को गुमराह करती है, जिससे विकास कार्य ठप हो जाते हैं।”
शिवपाल यादव का आरोप: “पैसों का होगा बंदरबांट”-
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने कई बार भाजपा के बजट देखे हैं, वे पैसा खर्च ही नहीं कर पाते। इस बार भी अनुपूरक बजट के नाम पर सिर्फ बंदरबांट होगा।”
चर्चा से भाग रही है सरकार: मुकेश वर्मा-
सपा विधायक मुकेश वर्मा ने सरकार को ‘दलित और पिछड़ा विरोधी’ बताते हुए कहा कि सरकार सदन चलाने से कतरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार चर्चा से भाग रही है क्योंकि अगर सदन चला तो दलितों, पिछड़ों और शोषितों के हक की बात होगी। लेखपाल और शिक्षक भर्ती में हुए घोटालों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।”
नेता प्रतिपक्ष ने समझाया संवैधानिक पहलू-
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि संविधान के तहत सरकार को अनुपूरक बजट लाने का अधिकार है, लेकिन सवाल इसकी जरूरत और समय पर है। उन्होंने कहा, “चर्चा इस बात पर होगी कि किन परिस्थितियों में यह बजट लाया गया है और क्या वास्तव में अतिरिक्त फंड की आवश्यकता है।”










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