गाजियाबाद। बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल समेत छह लोगों पर एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने राजस्थान के झुंझनूं निवासी श्यामलाल और उनके भाइयों की 5060 वर्ग मीटर जमीन को फर्जी दानपत्र के जरिए एक चेरिटेबल ट्रस्ट के नाम करवा दिया।
श्यामलाल ने जब अपनी जमीन की ऑनलाइन खतौनी निकाली तो पता चला कि 26 अप्रैल 2018 को यह जमीन हरिश्चंद्र रामकिशन चेरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कर दी गई थी।
ट्रस्ट के ट्रस्टी—अनिल अग्रवाल, दीपांजलि अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल और अतुल भूषण—पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पहचान पत्र बनवाकर फर्जी दानपत्र तैयार किया और उसके जरिए जमीन अपने ट्रस्ट के नाम करवा ली। इसके बाद 2 अगस्त 2018 को राजस्व विभाग में नामांतरण कराकर ट्रस्ट का नाम दर्ज भी करवा दिया गया।
श्यामलाल ने मार्च 2019 में इसकी शिकायत एसएसपी गाजियाबाद सहित कई उच्चाधिकारियों को की, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अदालत का रुख किया। अंततः इलाहाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश पर सिहानी गेट थाने में एफआईआर दर्ज की गई।











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