गोवा। गोवा के उत्तरी गोवा के अरापोरा स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में शनिवार रात लगी भीषण आग, जिसमें 25 लोगों की जान चली गई थी, के मामले में जांच तेज हो गई है। गोवा पुलिस ने इस मामले में पांचवीं गिरफ्तारी दिल्ली से की है।
पुलिस ने क्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली (निवासी सब्जी मंडी, दिल्ली) को राष्ट्रीय राजधानी से हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, कोहली पर नाइटक्लब के दैनिक संचालन की देखरेख की जिम्मेदारी थी। उसकी संलिप्तता का खुलासा पहले गिरफ्तार किए गए एक प्रबंधक से पूछताछ के दौरान हुआ, जिसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली जाकर यह कार्रवाई की। कोहली को अब आगे की पूछताछ और जांच के लिए गोवा ले जाया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल-
यह दुखद घटना शनिवार देर रात हुई, जिसमें जान गंवाने वालों में अधिकांश नाइटक्लब के कर्मचारी ही थे। इस अग्निकांड ने गोवा के पर्यटन उद्योग में सुरक्षा मानकों और नाइटलाइफ प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब तक की गिरफ्तारियां और पुलिस रिमांड-
इस मामले में गोवा पुलिस पहले ही क्लब के चार प्रमुख प्रबंधकों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिन्हें अदालत ने छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं-
राजीव मोदक (मुख्य महाप्रबंधक, 49 वर्ष, निवासी दिल्ली)
विवेक सिंह (महाप्रबंधक, 27 वर्ष, निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश)
राजीव सिंघानिया (बार प्रबंधक, 32 वर्ष, निवासी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश)
प्रियांशु ठाकुर (गेट प्रबंधक, 32 वर्ष, निवासी दिल्ली)
अब भरत कोहली की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस क्लब के फरार मालिकों, सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा की तलाश भी कर रही है।
दो अन्य क्लब और ढाबा पर भी कार्रवाई-
उत्तर गोवा जिला प्रशासन ने वैगेटर और असागाओ में स्थित रोमियो लेन चेन के दो अन्य क्लब और एक तटीय ढाबा भी बंद कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि इन दोनों संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई क्योंकि ये विवादों में शामिल थीं।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और डीजीपी को दिए निर्देश-
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्लब ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था। आग से अधिकांश मौतें धुंएं में दम घुटने के कारण हुईं, क्योंकि लोग ग्राउंड फ्लोर और रसोई में फंस गए थे। संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों की पहुंच मुश्किल हुई और पानी के टैंकरों को 400 मीटर दूर पार्क करना पड़ा। छोटे दरवाजे और संकरे पुल के कारण लोगों के लिए भागना मुश्किल था।
मुख्यमंत्री सावंत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शनिवार रात पौने ग्यारह बजे क्लब के अंदर अतिशबाजी की गई, जिससे आग लग गई।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव वी. कंदवेलू और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार को निर्देश दिए कि उन सरकारी अधिकारियों की पहचान करें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब को संचालन की अनुमति दी।
गोवा के अर्पोरा नाइट क्लब में बीते शनिवार लगी आग से 25 लोगों की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच टीम ने दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके से पांचवीं गिरफ्तारी की है। आरोपी कर्मचारी का नाम भारत कोहली बताया जा रहा है। क्लब मैनेजर के पूछताछ से नाम सामने आया।











Discussion about this post