मुजफ्फरनगर। स्टेट जीएसटी विभाग अब जिले के बड़े होटलों और रेस्टोरेंट द्वारा की जा रही जीएसटी चोरी पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है। पहले जहां रोलिंग मिलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी की जा रही थी, वहीं अब बड़े होटल और रेस्टोरेंट भी जीएसटी अधिकारियों की रडार पर आ गए हैं।प्रमुख सचिव के निर्देश पर इन प्रतिष्ठानों की क्रॉस जांच की जा रही है और बिना बिल के हो रही अवैध कमाई पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।
स्थानीय जीएसटी विभाग ने पांच प्रमुख होटल और रेस्टोरेंट के नाम चिन्हित कर उनके पूरे व्यापारिक रिकॉर्ड की मांग की है। इनमें ऋषि स्वीट्स सहित हाईवे पर स्थित कई बड़े रेस्टोरेंट शामिल हैं, जहां पहले भी जीएसटी एसआईबी विंग की छापेमारी में लाखों रुपये की टैक्स चोरी सामने आ चुकी है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से एसआईबी की स्थानीय टीम की कार्रवाई धीमी पड़ी हुई थी, लेकिन अब शीर्ष स्तर से फिर से सक्रियता दिखाई दे रही है।
राज्य के कुछ अन्य जिलों में होटल-रेस्टोरेंट पर हुई बड़ी टैक्स चोरी के खुलासों के बाद प्रदेश स्तर पर एक निगरानी टीम गठित की गई है। इसी कड़ी में मुजफ्फरनगर से बड़े होटल-रेस्टोरेंट की सूची एडिशनल कमिश्नर सहारनपुर के माध्यम से लखनऊ मुख्यालय भेजी गई है। इन प्रतिष्ठानों से उनका व्यापार विवरण, जीएसटी नंबर सहित अन्य वित्तीय दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
एसआईबी विंग के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित ने बताया कि होटल-रेस्टोरेंट की सूची तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया उन संस्थानों की पहचान करने और उनके द्वारा की जा रही संभावित टैक्स चोरी को उजागर करने के उद्देश्य से की जा रही है, जो ग्राहकों को बिना बिल के सेवाएं दे रहे हैं।
अब देखना होगा कि होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ आने वाले दिनों में जीएसटी विभाग किस स्तर की कार्रवाई करता है और इसका जिले के व्यापारिक माहौल पर क्या असर पड़ता है।










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