नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर दिल्ली समेत कई राज्यों में नॉन-वेज की दुकानों को बंद करने की मांग पर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मीट की दुकानों को बंद करने की मांग पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या उनके द्वारा शुरू की गई नॉन-वेज दुकानें बंद होंगी या खुली रहेंगी?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नॉन-वेज की जो दुकानें शुरू की थीं, क्या वे अब बंद हो गई हैं या खुली रहेंगी? मैं बताना चाहता हूं कि भारत में 74 प्रतिशत लोग नॉन-वेज खाते हैं और 14 प्रतिशत मुस्लिम हैं। इतना ही कहूंगा कि नफरत फैलाना बंद करें। अगर दुकानें बंद करना जरूरी है तो करें, लेकिन नफरत न फैलाएं। नफरत से देश को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है।
अब आंखें खोलने का समय है।” जीएसटी की नई दरें लागू होने के सवाल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “मेरे पास भी कई लोगों के फोन आए हैं कि ‘महासेल’ लगी हुई है। ये निर्णय बर्बादी की दास्तां लिखेगा। पहले सरकार ने जीएसटी लगाया तो हमने कहा कि ये ‘गब्बर सिंह टैक्स’ है और इसे लागू न करें। इसके बावजूद इसे लगाया और 55 लाख करोड़ रुपए वसूलने का काम किया।
अब उन्होंने नई दरें लागू की हैं, लेकिन व्यापारियों ने तो बढ़ी हुई दरों पर माल उठाया था। क्या व्यापारी अपना नुकसान करके नई दरों पर माल बेचेंगे? मैं मानता हूं कि यह फैसला व्यापारियों की बर्बादी लेकर आएगा क्योंकि यह सरकार बिना पूछे ही फैसले लेती है और इसका नुकसान पूरा देश इस समय भुगत रहा है।” इमरान मसूद ने भारत की विदेश नीति पर बात करते हुए कहा, “इससे ज्यादा शर्मनाक बात यह नहीं हो सकती कि जो हमारे दोस्त (सऊदी अरब) थे, हम उनके साथ ही खड़े नहीं हुए। यूएन में सरकार ने फिलिस्तीन को सपोर्ट किया, लेकिन उनके समर्थक यहां इजरायल का गुणगान करते हैं। मैं पूछता हूं कि वे देश को कहां लेकर जाना चाहते हैं।











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