मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद की आधारशिला रखी। शिलान्यास के लिए 6 दिसंबर का दिन चुना गया, जो अयोध्या की बाबरी मस्जिद के विध्वंस की वर्षगांठ है।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ समारोह-
इस संवेदनशील आयोजन को देखते हुए रेजिनगर और बेलडांगा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय बलों की भारी टुकड़ियां तैनात थीं। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही हजारों की भीड़ जुटी थी, जहां मौलवियों की मौजूदगी में कबीर ने फीता काटा। इस दौरान “नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर” के नारे लगाए गए।
सांप्रदायिक राजनीति के आरोप में हुए थे निलंबित-
हुमायूं कबीर को इसी सप्ताह टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था। पार्टी ने इसे सांप्रदायिक राजनीति से जुड़ा मामला बताते हुए कार्रवाई की थी। कबीर ने महीने की शुरुआत में ही इस स्थापना समारोह की घोषणा कर दी थी, जिससे राजनीतिक आलोचना शुरू हो गई थी।
कबीर का दावा: 2026 में 90 मुस्लिम उम्मीदवार जीतेंगे-
शिलान्यास के बाद हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि समारोह को बाधित करने की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि “कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती” और वे कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, “हिंसा भड़काकर कार्यक्रम को बाधित करने की साजिशें की जा रही हैं। दक्षिण बंगाल के जिलों से लाखों लोग ऐसी कोशिशों को नाकाम कर देंगे।” कबीर ने यह भी दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनावों में 90 मुस्लिम उम्मीदवार विजयी होंगे।











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