बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में एक शख्स ने अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया। उसने पिता का गला काट दिया और शव को जंगल में फेंककर फरार हो गया, लेकिन बेटे ने गुनाह को छिपाने के लिए पुलिस को पिता की गुमशुदगी की शिकायत दी और अज्ञात लोगों पर किडनैप करने का शक जताते हुए हत्या किए जाने की संभावना जताई। पुलिस मोबाइल को तलाशते करते हुए जंगल में पहुंची तो शव बरामद हुआ। बागपत के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक NP सिंह ने बेटे को बुलाकर मृतक की शिनाख्त कराई। मृतक की पहचान बसौदा गांव निवासी ईश्वर सिंह के रूप में हुई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, लेकिन जांच में पुलिस को मृतक के किसी करीबी के वारदात में शामिल होने का शक हुआ। गहन जांच की तो मृतक ईश्वर सिंह के अवैध संबंधों का पता चला। जिससे अवैध संबंध थे, उसके बारे में भी पता चला। शक के आधार पर पुलिस ने मृतक के बेटे वेदपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल लिया। उसने बताया कि पिता के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध थे, जिस वजह से उसने पिता की हत्या कर दी। उसने ही फावड़े से पिता का गला काटा और शव को जंगल में फेंक दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक NP सिंह के अनुसार, आरोपी वेदपाल ने बताया कि उसने अपने पिता ईश्वर की हत्या घरेलू विवाद में की। पिता ईश्वर के उसकी पत्नी के साथ काफी समय से अवैध संबंध थे। पिता अपनी सारी कमाई उसकी पत्नी को देते थे और उसे आर्थिक सहायता देने से इनकार कर देते थे। उन्होंने उसके बैंक लोन की किश्तें देने से भी इनकार कर दिया था। इसलिए उसका पिता से झगड़ा भी हुआ था।
ताव में आकर उसने पिता का पीछा किया और बहाने से उन्हें जंगल में बुलाया, जहां उसने फावड़े से वार करके पिता की हत्या कर दी और फरार हो गया। फिर उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन पुलिस को जांच के दौरान अवैध संबंधों का पता चल गया और हत्या का शक उस पर गया। इस वजह से उसका राज खुल गया। पिता मजदूरी करते थे, लेकिन वह सारा पैसा उसकी पत्नी को दे देते थे। उसने दोनों को एक साथ देखा भी था, जिस वजह से उसे ज्यादा गुस्सा आ गया था।











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