कंकरखेड़ा। सरधना रोड स्थित गणपति एन्कलेव में आरएएफ हवलदार केशपाल, पत्नी प्रियंका व बेटी नाव्या को जान देने के लिए विवश करने का आरोप परिजनोें ने महिला अधिकारी पर लगाया है। केशपाल की बेटी नाव्या का कहना है कि ‘पापा दो दिन की छुट्टी पर आए थे और रविवार शाम को उन्हें वापस लौटना था। इससे पहले ही रविवार सुबह पापा के मोबाइल को कॉल कर उनके निलंबन की सूचना दी गई। इससे पूरा परिवार सदमे में आ गया और तीनों ने जान देने के लिए जहर खा लिया।
नाव्या का कहना है कि जिस समय तीनों ने जहर खाया, उसका भाई विवान घर के बाहर खेल रहा था। पापा केशपाल लगातार महिला अधिकारी के उत्पीड़न की जानकारी मां को दे रहे थे। इससे पूरा परिवार तनाव में था। वह इससे पहले भी पिता को निलंबित करने की चेतावनी दे चुकी थी। केशपाल अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित थे। लेकिन महिला अधिकारी का उत्पीड़न उनसे बरर्दाश्त नहीं हो रहा था। केशपाल के परेशान होने पर प्रियंका और नाव्या भी चिंतित थे। रविवार को केशपाल के निलंबन की सूचना मिली तो पूरे परिवार ने जान देने के लिए जहर खा लिया। केशपाल की मौत होने के बाद परिजन प्रियंका और नाव्या का इलाज कराकर उनकी जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
सुबह नौ बजे जहर खाने के बाद केशपाल ने भाई महेशपाल को फोन कर घटना की जानकारी दी, बताया कि हमने जहर खा लिया है। मेरी हालत खराब है। प्रियंका और नाव्या को बचा लो। इसके बाद परिजन मौके पर आए। उन्होंने पहले कैलाशी अस्पताल और बाद में तीनों को आनंद अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान हवलदार केशपाल ने दम तोड़ दिया।
महेशपाल ने बताया कि भाई के जहर खाने की सूचना मिलते ही वह बेटे के साथ गांव से मेरठ पहुंचा। महेश ने केशपाल से अस्पताल चलने की बात कही। महेश ने कहा कि उन्हें कार चलानी नहीं आती। कार निकालो जल्दी से अस्पताल चलो। जिसके बाद केशपाल खुद कार चलाकर कंकरखेड़ा बाईपास पर कैलाशी अस्पताल पहुंचे। वहां पर आईसीयू व्यवस्था नहीं होने पर एंबुलेंस से आनंद अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में भी केशपाल परिजनों से बात करता रहा।
भाई महेशपाल के अनुसार केशपाल ने अस्पताल जाते समय बताया कि उसने कोई गलत काम नहीं किया। महिला अधिकारी ने उसे फंसाया है, जिसके चलते उस पर विभागीय कार्रवाई हुई है। महिला अधिकारी ने धमकी दी थी कि तेरी बेटी को 36 घंटे में जेल भिजवा दूंगी। तू भी जेल में चक्की चलाएगा। पूरे परिवार को जेल भिजवा दूंगी। तुम्हारा पूरा घर बर्बाद कर दूंगी। कंगाल हो जाओगे।
वर्तमान में अंबाला के शंभू बाॅर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। वहीं, केशपाल की ड्यूटी थी। दो दिन पहले ही वे छुट्टी पर अपने परिवार के बीच आए थे। इस मामले में अभी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी।
आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी











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