मेरठ। भारतीय किसान यूनियन मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में 11 अगस्त को ट्रैक्टर तिरंगा मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें 3500 से अधिक ट्रैक्टर शामिल हुए। इसके बाद किसानों ने कमिश्नरी पर किसान-मजदूर महापंचायत कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, जो लगातार 41 घंटे चला।
धरने के बाद जिलाधिकारी वीके सिंह के नेतृत्व में प्रशासन के साथ वार्ता हुई, जिसमें अपर मंडलायुक्त समेत सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। वार्ता से समाधान निकलता न दिखने पर इसे फिर से शुरू किया गया।
बाद में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा भवन में प्रबंध निदेशक ईशा दुहून से भी बातचीत की। वार्ता के उपरांत मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। कृषि अधिकारी ने 156 शिकायतों का विवरण जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी को सौंपा, जिसमें:
86 शिकायतों के समाधान निर्धारित किए गए, जिनमें से 84 का समाधान हो चुका है और किसान उनसे संतुष्ट हैं।
2 समस्याओं को लेकर असंतोष बना हुआ है, जिनके समाधान के लिए NHAI ने 15 दिन का समय मांगा है।
9 समस्याओं को 1 माह में,
31 समस्याओं को मार्च 2026 तक,
और 40 समस्याओं को शासन से संबंधित बताया गया है।
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि इन लंबित समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को अलग से पत्र लिखकर बदलाव की मांग की गई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले सप्ताह मंडलायुक्त मेरठ ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है, जिसे लेकर किसान सहमत हैं।
जिलाध्यक्ष ने दो टूक कहा, “हम किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हम आंदोलन दोबारा शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे। हम संगठित थे, संगठित हैं और संगठित रहेंगे।”











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