मुज़फ्फरनगर। जिले के मोरना ब्लॉक क्षेत्र के गांव रहकड़ा निवासी जहूर मेहंदी ने ग्राम सचिव जोगेंद्र शर्मा और ग्राम प्रधान हिना जेदी पर विकास कार्यों में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए हैं। जहूर मेहंदी का कहना है कि उन्होंने गाँव में हुए शौचालय निर्माण व अन्य विकास कार्यों की जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के तहत मांगी थी, लेकिन ग्राम सचिव ने जानकारी देने के बजाय उन्हें धमकाया और भ्रष्टाचार को उजागर करने से रोकने की कोशिश की।
शिकायतकर्ता जहूर मेहंदी ने बताया कि 12 फरवरी को ग्राम सचिव और ग्राम विकास अधिकारी के कहने पर उन्होंने RTI के तहत मांगी गई जानकारी की फोटोस्टेट कॉपी शुल्क के रूप में ₹2500 ग्राम निधि खाते में जमा कराए थे। यह पैसा 2 रुपये प्रति पेज के हिसाब से वसूला गया, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी उन्हें सिर्फ 50-60 पेज की ही जानकारी दी गई। शेष जरूरी दस्तावेज अभी तक नहीं मिले हैं।
जब शिकायतकर्ता ने बार-बार जानकारी की मांग की तो ग्राम सचिव जोगेंद्र शर्मा ने उन्हें फोन पर धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, सचिव ने साफ शब्दों में कहा “जो तेरे से होता है कर ले, फोटोस्टेट की कॉपी नहीं दूँगा और तुझे किसी मामले में फँसा दूँगा।”
जहूर मेहंदी ने आरोप लगाया कि गाँव में शौचालय निर्माण योजना के अंतर्गत अपात्र लोगों को लाभ दिलाया गया है। कई मामलों में शौचालयों का निर्माण कागजों पर ही कर दिया गया है, जबकि जमीन पर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से किया गया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी से मांग की है कि इस गंभीर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे जिला मुख्यालय पर धरने को मजबूर होंगे।
इस पूरे प्रकरण से ग्रामीणों में भी आक्रोश है और वे ग्राम पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल उठा रहे हैं। यह मामला एक बार फिर से सवाल खड़ा करता है कि ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही अब भी बड़ी चुनौती है।










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