मुजफ्फरनगर। सिखेड़ा में खोखा हटाने से नाराज पीड़ित ने पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर आरोपों की झड़ी लगा दी है। कोतवाल, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल, दरोगा और 10 पुलिसकर्मियों पर लूट, मारपीट, छेड़छाड़, धमकी, अवैध हिरासत जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। कुल मिलाकर ऐसा कोई आरोप नहीं बचा है जो पुलिस और प्रशासनिक टीम पर न लगा हो।
यूसुफ ने अपने चार पेज के नोट में कई आरोप लगाए हैं। गांव सिखेड़ा निवासी यूसुफ पुत्र मोहब्बत अली ने अपने परिवार के साथ मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रोते हुए खाकी वर्दीधारी पुलिसकर्मियों द्वारा मचाए गए कहर की कहानी सुनाई। आरोप हैं कि थाना प्रभारी सिखेडा द्वारा चंद रूपयों के लालच में उनके पान के खोखे को तोड दिया गया और परिवार के मुखिया व उसकी पत्नि को बिना किसी जुर्म के न केवल थाने में बंद कर दिया बल्कि महिला के साथ अश्लील हरकते भी की गई। आरोप हैं कि थानेदार द्वारा महिला के गुप्त अंगो के साथ भी छेडछाड की गई।
पीडित परिवार ने खाकीधारियों पर चंद रूपयों के लालच में कहर ढाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इंसाफ की गुहार लगाई हैं और थानाध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की हैं। उन्होंने खाकीधारियों द्वारा किये गये घिनौने कृत्य की गाथा रूआंसी हालत में बयां की हैं।
पीडितों का आरोप हैं कि गत 21 अप्रैल की दोपहर करीब साढे तीन बजे सिखेडा थाना प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ आये और दुकान पर बैठी पीडित की पत्नी के साथ अभद्रता करते हुए और सडक पर घसीटते हुए सरकारी गाडी तक ले गये। आरोप हैं कि महिला पुलिसकर्मी होते हुए भी थाना प्रभारी ने खुद ही महिला को पीछे से कोली भर कर गाडी में धक्का दिया जबकि महिला को महिला पुलिसकर्मी ही गिरफ्तार कर सकती हैं।
आरोप हैं कि बेकसूर होते हुए भी महिला के साथ जानवरों के जैसा व्यवहार किया गया। पीडित परिवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुखिया से गुहार लगाई हैं कि थाना सिखेडा के प्रभारी को पद से हटाया जाये। आरोप हैं कि खाकी की आड में न केवल जनता को परेशान किया जा रहा हैं बल्कि बडे रसूखदारों के हाथों की कठपुतलियां बनकर खाकी को दागदार करने में कोई कसर नही छोड रहे हैं। आरोप हैं कि थानाध्यक्ष द्वारा किये गये कृत्यों की कुछ वीडियों भी है जो थाना प्रभारी द्वारा किये गये कारनामों का पर्दाफाश कर सकती हैं। पीडित ने जिला प्रशासन से जल्द ही इंसाफ न मिलने पर परिवार सहित आत्महत्या करने की चेतावनी दी हैं।
पीडित महिला ने थाना सिखेडा प्रभारी विनोद कुमार, नायब तहसीलदार जानसठ आदेश कुमार, लेखपाल सिखेडा व ललित मोहन राजस्व निरीक्षक जानसठ पर अश्लीलता की सारी हदे पार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि खाकी का रूआब दिखाकर मेरे साथ बीच सडक एवं गांव वालों के सामने अश्लीलता की सारी हदें पार करते हुए जाति सूचक शब्दों से संबोधित किया गया और गुप्त अंगों के साथ भी छेडछाड की गई।
पीडित महिला ने कहा कि यदि योगी राज की पुलिस इतनी ही खराब हैं तो हमे नही चाहिए योगी राज। योगी राज में तमाम माननीयों एवं केन्द्र व प्रदेश में काबिज भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा का दावा किया जाता रहा हैं, मगर महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किये गये रक्षक ही भक्षक बन गये हैं। महिलाओं की सुरक्षा करने वाले ही महिलाओं को अपने शैतानी दिमाग का शिकार बनाने पर तुले हुए हैं।










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