मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के सैकड़ों पेंशनर्स ने आज केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली में संशोधन के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि संसद द्वारा पारित नए विधेयक से सरकार को पूर्व एवं वर्तमान पेंशनरों के बीच भेदभाव करने का कानूनी अधिकार मिल गया है, जो अनुचित एवं असंवैधानिक है।
ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, जनपद मुजफ्फरनगर में गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के नेतृत्व में पेंशनर्स का दल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और उपजिलाधिकारी अपूर्वा यादव को ज्ञापन सौंपा। संगठन के अध्यक्ष इंजीनियर बी. आर. शर्मा ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि, “सरकार को सेवानिवृत्त कर्मियों के जीवन यापन भत्तों से छेड़छाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है। यह न केवल आर्थिक अन्याय है, बल्कि सामाजिक असुरक्षा भी बढ़ाता है।”
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रविंद्र नागर ने प्रधानमंत्री से मांग की कि प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स की सुविधाओं से कोई छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।
फेडरेशन के जिला संयोजक इंजीनियर बी. बी. गुप्ता ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया और उसे संस्तुति सहित अग्रसारित करने का आग्रह किया।
सभा में प्रमुख रूप से डी. पी. जैन, यू. सी. वर्मा, रामबीर सिंह, ईश्वर सिंह बालियान, एम. डी. शर्मा, डी. के. गुप्ता, योगेंद्र शर्मा, सीताराम, पी. के. गुप्ता, के. के. शर्मा, लोकेश चंद्र, आर. के. गोयल, बी. बी. शर्मा, गजपाल शर्मा व रियाज अहमद सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।










Discussion about this post