खतौली। हाल ही में राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर द्वारा खतौली तहसील के निरीक्षण के दौरान उठे विवाद के बाद अब प्रशासनिक जांच का सिलसिला शुरू हो गया है। अधिवक्ताओं द्वारा तहसील प्रशासन और तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाने के बाद जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर तहसीलदार कक्ष को सील कर दिया गया था, जिसे जांच के पहले ही दिन खोल दिया गया।
सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर देशभूषण कंडारकर ने खतौली तहसील पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच प्रारंभ की। इस दौरान तहसीलदार कार्यालय का ताला खोल दिया गया, जिससे तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता पुन: अपने कार्यालय में बैठकर नियमित रूप से राजस्व कार्यों के साथ-साथ जन समस्याएं सुनने में जुट गई। चर्चा है कि शिकायत निराधार हो सकती हैं।
सीडीओ कमल किशोर ने कहा कि जांच पूरी नहीं हुई है। समस्त तथ्यों की गहनता से जांचोपरांत रिपोर्ट तैयार करके जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को सौंपी जायेगी। जनता को अपने राजस्व संबंधी कार्यों को कराने में हो रही असुविधा के चलते तहसीलदार कार्यालय का ताला खोला गया है।










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