शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर अपने हक की मांग कर रहे किसानों पर बजाज शुगर मिल द्वारा मुकदमा दर्ज करने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जहां सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान खाप चौधरियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और उक्त मामले को लेकर हंगामा किया। जिसके बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें किसानों ने सरकार से प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और किसानों का गन्ना भुगतान दिलाने की मांग की है।
आपको बता दें कि करीब दिन दिन पूर्व कस्बा थानाभवन स्तिथ शुगर मिल के गेट पर गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे दर्जनों किसानो पर शुगर मिल प्रबंधन द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसे लेकर जनपद के किसानो में भारी आक्रोश व्याप्त है जिसके चलते गुरुवार को खाप चौधरियों के नेतृत्व में सैकड़ो किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम डीएम अरविंद चौहान को एक ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि जिले की सभी तीनो शुगर मिलों पर किसानों का गन्ना बकाया भुगतान बाकी है। जिसके चलते पिछले वर्ष किसानों द्वारा किए गए आंदोलन के बाद शामली और ऊन शुगर मिल पुराने भुगतान को किश्तवार और नए सत्र के भुगतान को भी समय से किसानों को अदा कर रही है। लेकिन थानाभवन के बजाज शुगर मिल प्रबंधन पर किसानों का लगभग 250 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान है और पिछले वर्ष का नवंबर माह का भी भुगतान नहीं किया गया है।
किसानों ने बताया कि पूर्व में शुगर मिल प्रबंधन द्वारा चीनी बेचकर उसका 85 प्रतिशत किसानो को भुगतान किए जाने की बात कही गई थी।लेकिन शुगर मिल ने अपना यह वायदा भी पूरा नहीं किया। इसके अलावा जो अन्य उत्पाद शुगर मिल में बनाकर बेचे जा रहे है उनके बारे में भी किसानों को कोई जानकारी नहीं दी जा रही।किसानो का कहना है की उक्त मामले में जिला अधिकारी को जांच कर उचित कार्यवाही करनी चाहिए।
किसानों ने कहा कि बजाज शुगर मिल तो सरकार के आदेशों की भी अवहेलना कर रहा है क्युकी सरकार द्वारा 14 दिन में शुगर मिलों को किसानों का गन्ना भुगतान दिए जाने हेतु आदेशित किया है। बजाज शुगर मिल पर किसानों का करीब 5 माह का बकाया है। जिसे लेकर किसान शुगर मिल पर धरना प्रदर्शन कर रहे है। जहा शुगर मिल प्रबंधन ने हठधर्मिता की सभी हदें लांघते हुए दर्जनों किसानों पर मुकदमा दर्ज करवाया है। कहा कि सरासर गलत है और किसान ऐसे मुकदमों से डरने वाला नही है। किसानों ने सरकार से उनका बकाया भुगतान अविलंब दिलाए जाने और प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लिए जाने की मांग की है।











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