बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में पांच साल की मासूम का अपहरण कर उसके साथ दरिंदगी के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी गई। रविवार देर रात मासूम का शव गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास मिला। शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान थे।
मासूम के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी समेत पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जांच के दौरान 20 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की है।
जानकारी के अनुसार, पांच वर्षीय मासूम पास के ही एक स्कूल में कक्षा एक की छात्रा थी। रविवार दिन में उसकी दादी किसी के घर गई थीं। दोपहर करीब दो बजे बच्ची उन्हें खोजते हुए घर से निकली। काफी देर बाद भी जब वह नहीं लौटी तो घरवालों ने तलाश शुरू की।
रात करीब आठ बजे तक तलाश के बाद भी बच्ची का कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने लालगंज थाने में सूचना दी। मासूम के लापता होने की सूचना पर थाना प्रभारी लालगंज शशांक शेखर राय टीम के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से खोजबीन शुरू की।
देर रात एसपी अभिनंदन भी एएसपी ओपी सिंह, सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण तिवारी, सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह, सीओ कलवारी प्रदीप कुमार, मुंडेरवा व कलवारी थाने की पुलिस लेकर गांव पहुंच गए। तलाश के दौरान रात करीब 12 बजे गांव के बाहर स्थित कब्रिस्तान के पास झाड़ियों में मासूम का शव मिला।
रविवार को दोपहर मासूम के गांव में रेडीमेड कपड़े बेचने एक फेरी वाला आया था। मासूम के पिता ने भी अपने लिए बनियान खरीदी। मोहल्ले के कुछ बच्चे फ्रॉक और घाघरा खरीद रहे थे। मासूम ने भी अपने पिता से घाघरा खरीदने के लिए कहा। उसके पिता ने कहा कि जाओ दादी को ढूंढ़कर लाओ, वह अगर पैसा दे देंगी तो तुम्हारे लिए घाघरा खरीद दूंगा।
मासूम दौड़ते हुए गांव में दादी को ढूंढ़ने निकली मगर लौटकर नहीं आई। मासूम के पिता ने बताया कि उसकी बेटी का गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में इसी साल दाखिला हुआ था। पिता के मुताबिक, उसकी दोनों किडनी खराब है और चिकित्सालय संतकबीरनगर से उसका इलाज चल रहा है। मृतका का एक बड़ा भाई सात वर्ष का और छोटी बहन छह माह की है।
मां ही पूरे परिवार की देखभाल करती हैं। पिता की बीमारी और परिवार चलाने के लिए रुपयों का इंतजाम बड़ी मुश्किल से हो पाता है। इसलिए घर की माली हालत बेहद खराब है। तबीयत ठीक रहती थी तो पिता मेहनत मजदूरी कर लेता था। मगर, किडनी की बीमारी से वह भी लाचार होकर घर बैठा है।
मासूम के माता-पिता एक ही बात बार-बार दोहरा रही है कि आखिर बच्ची ने किसी का क्या बिगाड़ा था। वह पुलिस से जल्द ही हत्यारोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहा है। गांव के लोग भी घटना से बेहद आहत हैं। पूरे क्षेत्र में घटना की चर्चा हो रही है।
जिला महिला अस्पताल की एक महिला डॉक्टर सहित तीन डॉक्टरों के पैनल ने मासूम का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में अत्यंत बेरहमी से उसकी हत्या की बात बताई जा रही है। उसके साथ दरिंदगी की भी आशंका जताई गई है। इसकी पुष्टि के लिए आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए हैं। हत्यारों के वहशीपन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मासूम के दोनों हाथ मरोड़कर तोड़ दिए गए थे। सिर पर लगी चोट से जाहिर हुआ कि उसे उठाकर पटका गया था। इसके बाद रस्सी से गला कसकर मौत के घाट उतारा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को बक्सरी घाट के पास पुलिस बल की मौजूदगी में मिट्टी में दफना दिया गया।
112 नंबर पीआरवी पर रविवार रात आठ बजे पांच वर्षीय बच्ची के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चलाया। उस गांव और आसपास के सिवान में 12 बजे रात तक खोजबीन की गई। उसी दौरान घर से करीब दो सौ मीटर दूर बच्ची का शव पड़ा मिला। पिता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगाई गई हैं। – अभिनंदन, एसपी बस्ती











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