भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस ऑपरेशन के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
कर्नल कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन का आगाज रात 1 बजकर 5 मिनट पर किया गया था, और यह ऑपरेशन 1:30 बजे तक चलता रहा। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK के 9 अलग-अलग स्थानों पर सटीक हमले किए। यह हमले पूरी तरह से खूफिया जानकारी पर आधारित थे, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि निशाना सिर्फ आतंकवादी ठिकानों पर ही हो और नागरिकों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
इस ऑपरेशन का प्रमुख उद्देश्य आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करना था, जिन्होंने भारतीय सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाई थी। कर्नल सोफिया ने बताया कि सबसे पहले सवाईनाला कैंप को निशाना बनाया गया, जहां पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी प्रशिक्षण ले रहे थे।
इसके बाद, पाकिस्तान के सियालकोट में स्थित सरजल कैंप पर हमला किया गया, जहां हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी मौजूद थे। इस ऑपरेशन में कुल 21 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें जैश और लश्कर के कैंप शामिल थे।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में नागरिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ। भारतीय सेना ने इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखा कि केवल आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया जाए, ताकि किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान न हो।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन की सफलता की वजह से पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकवादी समूहों को बड़ा झटका लगा है, और यह भारतीय सेना के संकल्प और शक्ति का प्रतीक है।











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