मुजफ्फरनगर। कावड़ यात्रा के आगमन से पहले मुजफ्फरनगर में नेम प्लेट विवाद फिर गरमा गया है। कावड़ मार्ग पर कुछ हिंदू संगठनों द्वारा चलाए जा रहे पहचान अभियान के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम कासमी ने बड़ा बयान जारी किया है।उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा एक परंपरागत और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। हर साल की तरह इस वर्ष भी मुस्लिम समाज के लोग हिंदू कावड़ यात्रियों का सम्मान और सेवा करेंगे।
मौलाना मुकर्रम कासमी ने कहा, “मुजफ्फरनगर हमेशा आपसी भाईचारा और मोहब्बत का पैगाम देता रहा है, लेकिन कुछ धर्म के ठेकेदार इस शहर का नाम बदनाम करने में लगे हुए हैं। हम जिला प्रशासन से इन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम समाज कावड़ यात्रियों के लिए पुष्प वर्षा, ठंडा पानी, मेडिकल सुविधाएं आदि प्रदान करता है ताकि मुजफ्फरनगर की छवि एक मोहब्बत नगर के रूप में बनी रहे। मौलाना ने कहा, “यह काम प्रशासन का है कि वह नियमों का पालन कराए, किसी संगठन का नहीं।”
इससे पहले कुछ दिन पहले कावड़ मार्ग पर हिंदू संगठनों द्वारा चलाए गए पहचान अभियान के दौरान पंडित जी वैष्णो भोजनालय पर एक मुस्लिम होटल कर्मचारी से मारपीट और कपड़े उतरवाने का मामला भी सामने आया था, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया था।
मौलाना ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे शरारती तत्व जो शांति को भंग करना चाहते हैं, वे मुजफ्फरनगर और देश के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि मुजफ्फरनगर से आपसी भाईचारे का संदेश जाएगा और सभी धर्म के लोग मिलकर कावड़ यात्रियों की सेवा करेंगे।
कावड़ यात्रा के दौरान सावन माह में करोड़ों शिवभक्त इस मार्ग से गुजरेंगे। मौलाना ने सभी से अपील की कि इस बार भी जैसे हर साल खुशी-खुशी कावड़ यात्रा मनाई जाती है, वैसे ही इस बार भी सब मिलकर प्रेम और सौहार्द का संदेश दें।










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