मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान जिले में खराब विद्युत आपूर्ति और सड़कों की खस्ता हालत पर नाराजगी जताई। इस बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने कहा कि शहर में लगातार बिजली कटौती और फॉल्ट की बढ़ती शिकायतें चिंता का विषय हैं। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों के कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि विभाग के शीर्ष अधिकारी तो प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अधीनस्थ अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय में उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से भी बात की है, ताकि बिजली व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त किया जा सके।
बैठक के दौरान मंत्री ने सड़कों की खस्ता हालत का भी जिक्र किया और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे शहर की सड़कों की मरम्मत कार्य में तेजी लाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न करें।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने द्वारकापुरी क्षेत्र से संबंधित एक पुराने विवाद की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय निवासी उनसे मिलकर इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा कि पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा द्वारकापुरी के कुछ हिस्सों को ‘शत्रु संपत्ति’ घोषित किया गया था, जिसके चलते वहां बैनामे नहीं हो पा रहे हैं और न ही नक्शे पास हो रहे हैं। मंत्री ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से इस मामले की गंभीरता से जांच करने को कहा है और निर्देश दिया कि जो क्षेत्र वास्तविक रूप से विवादित हैं, केवल उन्हें अलग रखा जाए, जबकि बाकी क्षेत्रों में निर्माण और बैनामे की अनुमति दी जाए।
इस मौके पर मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें और जनता को राहत देने के लिए समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करें।










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