मुजफ्फरनगर। जिले में रात के समय ड्रोन उड़ने की अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने शादी और अन्य समारोहों में ड्रोन के उपयोग पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के किसी भी आयोजन में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित रहेगा। इस फैसले से जिले के फोटोग्राफर्स समुदाय में हड़कंप मच गया है, क्योंकि शादी-ब्याह के मौसम में ड्रोन वीडियोग्राफी उनकी आय का प्रमुख स्रोत है। फोटोग्राफर्स ने आर्थिक नुकसान की शिकायत की है और प्रशासन से तत्काल गाइडलाइन जारी करने की मांग की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से बिना पूर्व अनुमति के ड्रोन उड़ाना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है। हाल ही में रात के समय ड्रोन उड़ने की लगातार आने वाली अफवाहों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
इस फैसले के विरोध में मुजफ्फरनगर फोटोग्राफर्स सोसाइटी के पदाधिकारियों ने रुड़की रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में बैठक आयोजित की। बैठक में फोटोग्राफर्स ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उनका कहना है कि शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने वाला है, और कई पक्षों से उन्होंने एडवांस पेमेंट भी ले लिया है। लेकिन अब ड्रोन के बिना वीडियो शूटिंग संभव नहीं हो पा रही, जिससे क्लाइंट्स नाराज हैं और पेमेंट अटक गया है।
सोसाइटी के अध्यक्ष श्रवण कुमार मोघा ने कहा, “प्रशासन के इस आदेश से हमें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ड्रोन वीडियोग्राफी हमारी कमाई का मुख्य जरिया है, और बिना इसके हम अपने परिवार का गुजारा कैसे चलाएंगे? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी लगातार रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं, और ड्रोन संचालन भी इन्हीं में से एक है। हम जिला प्रशासन से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द गाइडलाइन जारी करें, ताकि हम समारोहों में ड्रोन का सुरक्षित उपयोग कर सकें।
श्रवण कुमार मोघा ने बताया कि सोसाइटी का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा, “यदि अनुमति की जरूरत है, तो हम उसके लिए पूरी कार्यवाही करेंगे। हमारा उद्देश्य केवल कानून का पालन करते हुए अपना व्यवसाय चलाना है।” फोटोग्राफर्स ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर धरना या प्रदर्शन करने को मजबूर हो सकते हैं।










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