मुजफ्फरनगर। वायु प्रदूषण स्थिर बना हुआ है। रविवार को ज़िले में प्रदूषण का स्तर 339 दर्ज किया गया था। सोमवार को इसमें एक अंक की कमी आई और AHI 338 पर पहुँच गया। लगातार प्रदूषण के कारण लोगों को साँस लेने में तकलीफ़ हो रही है।
नवंबर माह के दौरान वायु प्रदूषण का ग्राफ ऊंचा चल रहा है। सांस और अस्थमा रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है जबकि हृदय रोगियों की परेशानी भी कम होने का नाम नहीं ले रही। चिकित्सक ऐसे मरीजों को वायु प्रदूषण से सतर्क रहने की हिदायत दे रहे हैं। एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप टू की पाबंदियां लागू होने के बावजूद मानकों का पालन नहीं कराया जा रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग उद्यमियों से पानी का छिड़काव करा रहा है। लेकिन वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारकों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चन्द्रा का कहना है कि मानकों उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उद्यमियों के माध्यम से छिड़काव कराया जा रहा है। निकायों को भी छिड़काव के लिए लिखा गया है।











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