शामली। शामली जिले में बुधवार को विकास भवन सभागार में ‘शामली का जल, शामली का कल’ विषय पर भूमि एवं जल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य विरेन्द्र सिंह तथा अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने की। बैठक में जिले के तमाम कृषि और जल संसाधन से जुड़े अधिकारीगण और लाभार्थी किसान उपस्थित रहे।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी/भूमि संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने खेत तालाब योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 में शामली को 6 खेत तालाब बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 16 खेत तालाबों (15 सामान्य वर्ग व 1 अनुसूचित जाति) का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे समिति से अनुमोदन मिल चुका है।
इसके अतिरिक्त “पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना” के तहत 587.192 हेक्टेयर क्षेत्र में कार्य हेतु प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। मनरेगा योजना के तहत 83.13 हेक्टेयर में कार्य हेतु मंजूरी ली गई। साथ ही अटल भूजल योजना के अंतर्गत 14 ग्राम पंचायतों में कार्यों को स्वीकृति प्राप्त हुई।
मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने निर्देश दिया कि भूमि और जल संरक्षण से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रचार-प्रसार विकास खंड व न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियों के माध्यम से किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य विरेन्द्र सिंह ने भी किसानों को प्रेरित किया कि वे खेत तालाबों और स्प्रिंकलर प्रणाली जैसे उपायों को अपनाएं जिससे वर्षा जल का बेहतर संरक्षण हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानहित योजनाओं की जानकारी प्रत्येक किसान तक पहुँचे।
इस बैठक में ब्लॉक प्रमुख विनोद कुमार मलिक (कांधला), रामपाल सिंह (ऊन), केवीके के वैज्ञानिक डॉ. साकिब प्रवेज, उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार, विवेक वाश्नेय (अधिशासी अभियंता, सिंचाई), नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी (जिला उद्यान अधिकारी प्रतिनिधि), राहुल कुमार (लघु सिंचाई विभाग), अंकित कुमार (नोडल अधिकारी, अटल भूजल योजना) सहित कई अधिकारी और किसान शामिल हुए।











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