मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। संगठन आगामी 19 सितंबर को राजधानी लखनऊ में एक विशाल महापंचायत का आयोजन करेगा, जिसमें प्रदेश भर के किसान शामिल होंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने रामपुर तिराहा स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पर पदाधिकारियों की बैठक में यह घोषणा की और महापंचायत की तैयारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि हर साल की भांति इस वर्ष भी किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर महापंचायत आयोजित की जाएगी।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे 18 सितंबर को टोपी, झंडे और बिल्ले के साथ नौचंदी ट्रेन से लखनऊ के लिए रवाना हों, ताकि महापंचायत सफल हो। इस मौके पर महापंचायत के बाद प्रदेश सरकार को 35 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
चौधरी संजीव तोमर ने मुख्य मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार से गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने और स्मार्ट मीटर लगाने पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की जाएगी। साथ ही हाल ही में आई बाढ़ में प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10,000 रुपये पेंशन और मुजफ्फरनगर में एम्स जैसे बड़े अस्पताल की सुविधा देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सरकारी तंत्र बेलगाम हो गया है और किसानों के साथ दुर्व्यवहार व बड़े स्तर पर शोषण हो रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
इस अवसर पर संगठन के मुख्य पदाधिकारी भी मौजूद थे: राष्ट्रीय उपाध्यक्ष छम्मन खान, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री जितेंद्र सैनी, पश्चिम यूपी प्रदेश अध्यक्ष रिहान चौधरी, कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष महबूब बालियान, युवा जिलाध्यक्ष सोनू चौधरी, अजय त्यागी, जमीर मुस्तफा, नौशाद, साजिद, मोनू धीमान, इस्राइल, हसीर, रियाज राणा, आजम, शानू, लोकेश शर्मा, शिराजू, फारूख, सोनू, नौशाद, सिकंदर तोमर, मुशर्रफ प्रधान, शुभान, आसिफ, सुहैल और अमित नौशाद।










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