गुजरात। गुजरात के वडोदरा ज़िले में महिसागर नदी पर बना 45 साल पुराना पुल अचानक ढहने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुल से गुज़र रहे पाँच वाहन, दो ट्रक, दो कारें और एक रिक्शा सीधे नदी में गिर गए। पुल के टूटे हुए सिरे पर एक टैंकर फंस गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
दमकल विभाग की तीन टीमें और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुँच गए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 2-3 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश नदी में जारी है। गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल काफी पुराना और जर्जर हालत में था, लेकिन उस पर भारी वाहन लगातार गुजरते थे। हादसे के समय पुल पर लोडेड ट्रक और निजी वाहन मौजूद थे, जिनके वजन के चलते पुल का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया।
स्थानीय युवकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक युवक ने मीडिया से कहा हम सुबह से खुद ही रेस्क्यू कर रहे हैं। 9 शव हम लोगों ने निकाले। प्रशासन ने न तो पहले मेंटेनेंस कराया और न ही समय रहते लोगों को चेताया। अब हादसे के बाद भी कोई ठोस सहायता नहीं मिल रही।
पुल टूटने से मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के बीच सीधा संपर्क टूट गया है। भरूच, नवसारी, सूरत, तापी और वलसाड से सौराष्ट्र की ओर जाने वाले यात्रियों को अब अहमदाबाद होकर लंबा रास्ता तय करना होगा, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस पुल के निरीक्षण को लेकर पिछले दो वर्षों में कई बार तकनीकी रिपोर्ट बनाई गई थी। राज्य पीडब्ल्यूडी विभाग को पुल की जर्जर हालत की जानकारी थी, लेकिन मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ।
हादसे के बाद से मौके पर भारी भीड़ जुटी हुई है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मृतकों में 2 महिलाएं, 1 बच्चा और 6 पुरुष शामिल हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। विपक्ष ने राज्य सरकार से घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा जल्द करने का भरोसा दिलाया है। प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है।











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