मीरापुर। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को कस्बे में अवैध रूप से चल रही पैथोलॉजी लैब और जांच केंद्रों पर शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की। बिना किसी सरकारी अनुमति और पंजीकरण के चल रही दो लैब- लाल पैथ लैब और भारत लैब को मौके पर ही सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से कस्बे के निजी डॉक्टरों और लैब संचालकों में हड़कंप मच गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गठित इस टीम में जानसठ सीएचसी प्रभारी अजय कुमार और जिला चिकित्साधिकारी डॉ. विक्रांत शामिल रहे। टीम ने मीरापुर कस्बे में अचानक छापेमारी करते हुए कई लैबों की जांच की, जिनमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान पाया गया कि लाल पथ लैब और भारत लैब के पास न तो स्वास्थ्य विभाग की अनुमति थी और न ही पंजीकरण संबंधी दस्तावेज। लिहाजा इन्हें सील कर दिया गया। वहीं लाइफ केयर पैथोलॉजी समेत अन्य लैबों में भी कागजी गड़बड़ियां मिलीं। इन संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समयसीमा में वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीम ने अभियान के दौरान कस्बे में अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे कुछ डेंटिस्टों के क्लीनिकों की भी जांच की। उनके दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि की जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मीरापुर में कुछ अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेंटर्स के खिलाफ भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर आगे जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि कस्बे के नागरिक लंबे समय से इन अवैध लैबों और जांच केंद्रों से परेशान थे और कई बार रिपोर्टों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा चुके थे। स्थानीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर लैबों की जांच कराने की मांग भी की थी। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि जनहित में ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी और बिना वैध अनुमति किसी भी चिकित्सकीय सेवा को संचालित नहीं करने दिया जाएगा।










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