मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पुरानी घास मंडी के भरे बाजार में एक साथ तीन दुकानों में भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दुकानों से डेढ़ दर्जन सिलेंडर बरामद-
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जिन दुकानों में आग लगी थी, दमकल विभाग की टीम ने उनसे तकरीबन डेढ़ दर्जन (18 से अधिक) घरेलू गैस सिलेंडर (खाली और भरे हुए) बरामद किए हैं। ये दुकानें गैस चूल्हा रिपेयरिंग और सिलाई मशीन की थीं। इतने सारे सिलेंडरों की बरामदगी के चलते यह आशंका जताई जा रही है कि इन दुकानों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य भी किया जाता था।
बड़ा हादसा टला-
गनीमत यह रही कि आग लगने के दौरान किसी भी गैस सिलेंडर में कोई बड़ा धमाका नहीं हुआ, वरना भरे बाजार में एक बड़ा और भयावह हादसा हो सकता था।
दमकल अधिकारी ने दी जानकारी-
इस घटना की अधिक जानकारी देते हुए दमकल अधिकारी आर. के. यादव ने बताया, “यह तीन दुकानें थीं, जो अस्पताल चौराहे के पास घास मंडी में स्थित हैं। यहां पर रिफिलिंग का काम करते थे। आग लगी हुई थी, जिसमें एक दुकान पूरी तरह प्रभावित थी, जबकि दो दुकानों में आंशिक रूप से मामला था। आग को पूरी तरह बुझा दिया गया है।
उन्होंने आगे बताया, “जो भी सिलेंडर दुकान के अंदर थे, उनको निकाल दिया गया है। दुकान में कुल 14 सिलेंडर थे। कोई भी विस्फोट नहीं हुआ, कोई जनहानि नहीं हुई, किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अगर हम लोग समय से न आते तो यहां पर बहुत बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बन सकती थी। अगर आग बड़ी हो जाती तो यहां पर स्थिति भयावह हो जाती।
अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि फायर सेफ्टी किट पहने उनकी टीम ने तुरंत आकर आग को समय से ही कंट्रोल कर लिया। उन्होंने दुकानदारों की लापरवाही पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसी लापरवाही का नतीजा बड़ी दुर्घटनाएं होने की संभावना के रूप में सामने आता है।
फिलहाल, आग लगने के कारणों का अभी तक सही पता नहीं चल पाया है। हालांकि, माना जा रहा है कि यह हादसा अवैध गैस रिफिलिंग या शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ होगा। नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है।










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