लखनऊ। कुशीनगर के विधायक पीएन पाठक के आवास पर हुई ब्राह्मण विधायकों और एमएलसी (MLCs) की बैठक पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने दोटूक लहजे में इसे ‘अनुशासनहीनता’ करार देते हुए चेतावनी जारी की है।
मामले की मुख्य बातें:
सहभोज या शक्ति प्रदर्शन ?
मंगलवार शाम को शलभमणि त्रिपाठी, रत्नाकर मिश्रा और उमेश द्विवेदी जैसे दिग्गज ब्राह्मण चेहरों का पीएन पाठक के घर जमावड़ा हुआ। आधिकारिक तौर पर इसे केवल एक ‘सहभोज’ कहा गया, लेकिन गलियारों में चर्चा है कि यह ‘ठाकुर विधायकों’ की कथित सक्रियता के जवाब में किया गया एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन था।
पंकज चौधरी का ‘हंटर’:
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भाजपा वर्ग विशेष या जाति की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि ऐसी बैठकें भाजपा के संविधान और मर्यादा के खिलाफ हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे विपक्ष के ‘नकारात्मक नैरेटिव’ का हिस्सा न बनें।
सख्त संदेश:
चौधरी ने चेतावनी दी कि पीएम मोदी की विकासवादी राजनीति में जातिगत राजनीति करने वालों का भविष्य अंधकारमय है। भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को ‘घोर अनुशासनहीनता’ माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केशव मौर्य का नरम रुख:
एक तरफ जहाँ प्रदेश अध्यक्ष ने अनुशासन का चाबुक चलाया है, वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसे सामान्य मुलाकात बताकर बीच-बचाव की कोशिश की। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की इस सख्ती ने साफ कर दिया है कि 2027 के चुनाव से पहले भाजपा अपनी एकजुटता और छवि को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।










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