बागपत। खुब्बीपुर निवादा गांव में मंगलवार सुबह घर में कपड़े धोते समय करंट लगने से साइन (25) झुलस गई। परिजन उसे सिसाना गांव स्थित निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने साइन को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर साइन के मायके वाले अस्पताल पहुंचे और ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहां घंटों तक हंगामा होता रहा। नौरोजपुर गुर्जर गांव के रहने वाले सुहेल ने बताया कि उसकी बहन की शादी सात साल पहले खुब्बीपुर निवाड़ा गांव के वसीम से हुई थी। आरोप लगाया कि छह दिन पहले ससुराल वालों ने शादी में दस लाख रुपये या फिर कार की मांग की। उन्होंने एजेंसी में जाकर कार बुक करने का प्रयास किया, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते कार की बुकिंग नहीं हो सकी। सोमवार को उसने अपने जीजा को कार की बुकिंग नहीं होने की जानकारी दी।
आरोप लगाया कि मंगलवार की सुबह उसकी बहन साइन की मौत की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिवार वाले अस्पताल पहुंचे तो ससुराल वाले शव लेकर जबरदस्ती जाने लगे। आरोप है कि बातचीत करने पर उनके साथ मारपीट की गई। साइन के चाचा यूनुस ने भतीजी साइन की हत्या करने का आरोप लगाया।
वहीं खुब्बीपुर निवाड़ा गांव के शाहिद ने बताया कि साइन मंगलवार की सुबह घर में कपड़े धुलाई कर रही थी। इस दौरान करंट लगने से वह झुलस गई और उसकी मौत हो गई। शाहिद ने मृतका के मायके वालों पर हमला करने का आरोप लगाया। वहां हमले में कई लोग घायल हो गए और उनके कपड़े भी फट गए। वहां पहुंचे पुलिस कर्मियों के सामने भी दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी तो किसी तरह मामला शांत कराकर शव को कब्जे में लिया।
इस मामले में सीओ हरीश भदौरिया का कहना है कि मृतका के परिवार की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली। तहरीर मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। सिसाना गांव के निजी अस्पताल में मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षों के लोग पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव ले जाने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों पक्षों में आपसी रजामंदी हो गई और परिजन शव नौरोजपुर गुर्जर लेकर चले गए।











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