मेरठ। मेरठ के लावड़ कस्बे में दबिश के दौरान अनुसूचित जाति की महिलाओं को पीटने के मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने थाना प्रभारी नितिन पांडेय, चौकी प्रभारी, दो दरोगा और एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस की इस करतूत का वीडियो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया अकाउंटों पर शेयर करते हुए भाजपा पर निशाना साधा था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। रविवार को भी राजनीतिक दलों के कई नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
लावड़ कस्बे की राशन वाली गली में सात मई को जमीन के विवाद में सुनील और उसके भाई सुशील में झगड़ा हो गया था। इसके बाद सुनील ने लावड़ चौकी पर तहरीर दी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सुशील को गिरफ्तार कर थाने लाने लगी। आरोप है कि परिवार ने दरोगा अमित कुमार को मारपीट कर घायल कर दिया था।
दरोगा से मारपीट की सूचना पर इंचौली थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि सुशील के परिजनों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने परिवार पर लाठियां बरसा दी थीं। पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा। इसके बाद पुलिस ने सुशील और उसकी पत्नी कविता और रोशनी के अलावा कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
घटना के दौरान किसी ने पुलिसकर्मियों के महिलाओं को पीटने का वीडियो मोबाइल से बना लिया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। शनिवार को सरधना विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पर धरना दिया था।
दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर अनशन की चेतावनी दी थी। इस मामले में एसएसपी ने थाना प्रभारी नितिन पांडेय, चौकी प्रभारी इंद्रेश विक्रम सिंह, दरोगा सुमित गुप्ता और पवन सैनी व सिपाही वसीम को लाइन हाजिर कर दिया।
इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रविवार को विभिन्न राजनीतिक दल के लोग पहुंचे। राट्रीय जाटव महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमपाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और हाल जाना।
उन्होंने परिवार के लोगों से वार्ता की और प्रशासन से कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सरधना विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सैय्यद रिहानुद्दीन के नेतृत्व में पहुंचा और परिजनों से बात की। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय राय से फोन पर वार्ता कराई।











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