मेरठ। सपा जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पार्टी नेताओं को चोर करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेता बैठक में नहीं आते और सभी विधानसभा क्षेत्रों में टिकट के बड़े-बड़े दावे करते हैं।
विधायक शाहिद मंजूर, अतुल प्रधान, रफीक अंसारी के अलावा मुकेश सिद्धार्थ, योगेश वर्मा, प्रभु दयाल वाल्मीकि, सम्राट मलिक और बाबर खरदौनी सहित कई नेताओं के नाम लेकर बैठक में न आने पर टिप्पणी की। बोले- यह दिल्ली और लखनऊ के नेता हैं, पार्टी की बैठक में इनको शर्म लगती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आते ही अपना चेहरा दिखाने के लिए आ जाते हैं।
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में पहुंचे पूर्व मंत्री जुगल किशोर वाल्मीकि के सामने ही ये बातें कहीं गईं। बैठक में कुल 25-30 कार्यकर्ता देखकर सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने माइक ले लिया और वरिष्ठ नेताओं के बारे में बोलते हुए आपा खो दिया है।
उन्होंने कहा कि यहां सड़क पर संघर्ष करने वाले समाजवादियों की लाइन अलग है और दिखावे वालों की अलग है। टिकट मांगने और लखनऊ-दिल्ली की राजनीति करने वाले नेताओं की अलग लाइन है। इसलिए संगठन के लिए सड़क पर रहकर संघर्ष करने वालों को मौका मिलना चाहिए। टिकट के दावेदार बैठकों से गायब रहते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और अन्य पदों पर बैठे नेता यहां पहुंचे नहीं हैं। विपिन चौधरी ने नेताओं को चोर तक कह दिया। इसे लेकर पार्टी के नेताओं में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल रहा।
बैठक में समीक्षा करने पहुंचे मुख्य अतिथि कैंट विधानसभा प्रभारी पूर्व मंत्री जुगल किशोर वाल्मीकि ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वह यहां संगठन व बूथ को मजबूत करने आए हैं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को बूथ स्तर पर मजबूत करने और कमेटियां बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जो नेता बैठक में नहीं पहुंचे हैं, वे अपने क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी को एकजुट होकर पार्टी को मजबूती प्रदान करने के निर्देश दिए। सभी को संकल्प पत्र पढ़कर सुनाया। शपथ दिलाई कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को आगामी विधानसभा चुनाव जिताएंगे और मुख्यमंत्री बनाएंगे।
इस दौरान कैंट के अलावा सरधना, शहर, दक्षिण और किठौर विधानसभा में भी बूथ की समीक्षा की गई। बूथ स्तर पर लापरवाही करने वाले कार्यकर्ताओं से उन्होंने नाराजगी भी जताई। इस मौके पर वरिष्ठ नेता मुखिया गुर्जर, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, कोषाध्यक्ष निरंजन सिंह, अहतेशाम इलाही, मोहम्मद चांद, ओम प्रकाश खटीक आदि मौजूद रहे।
मुझे आज की बैठक की सूचना नहीं थी। जिलाध्यक्ष ने क्या कहा, यह भी जानकारी नहीं। उन्होंने अगर असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया है, तो यह गलत है।
– रफीक अंसारी, विधायक, शहर विधानसभा
शब्दों का इस्तेमाल बहुत ध्यान से करना चाहिए। सोशल मीडिया का जमाना है, वायरल होते देर नहीं लगती। मुझे पार्टी कार्यालय पर किसी बैठक की सूचना नहीं थी। अगर पार्टी के निर्देश होते तो बैठक में जरूर शामिल होता।
– शाहिद मंजूर, विधायक, किठौर विधानसभा
मैं सुबह से ही सरधना विधानसभा क्षेत्र में निकला हुआ था। पार्टी कार्यालय से बैठक की कोई सूचना नहीं थी। बैठक में अगर मैं नहीं रहता तो मेरी पत्नी जरूर रहती हैं। – अतुल प्रधान, विधायक, सरधना विधानसभा
पार्टी कार्यालय में समीक्षा बैठक की जानकारी सभी नेताओं की दी गई थी। मेरी मंशा विधायकों पर टिप्पणी करने की नहीं थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बूथ कमेटी मजबूत करने के लिए निर्देश दिए हैं। कई नेता बैठक में नहीं पहुंचे, उनको लेकर मेरी नाराजगी थी।
– विपिन चौधरी, जिलाध्यक्ष सपा











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