लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ का परिवार चर्चा में है। इस बार विवाद उनकी पत्नी भानवी सिंह पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर है। भानवी सिंह की मां मंजुला सिंह ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में अपनी बेटी और उनके मैनेजर राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ फर्जीवाड़े और अवैध वसूली की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की जांच कर रही है।
70 दुकानों के किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट में फर्जीवाड़ा-
मंजुला सिंह का मुख्य आरोप है कि उनके पूर्व मैनेजर राजेश प्रताप सिंह ने उनकी बेटी भानवी सिंह के निर्देश पर एक झूठा किरायानामा तैयार किया। इस फर्जी किराएनामे का इस्तेमाल करके 70 दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूला गया।
मंजुला सिंह ने साफ कहा है कि इस जाली दस्तावेज को तैयार करने के लिए न तो उनकी इजाजत ली गई और न ही इस पर उनके हस्ताक्षर हैं, यहां तक कि सिक्योरिटी डिपॉजिट वाले पन्ने पर भी उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।
मैनेजर ने कबूला, बेटी के कहने पर किया काम-
मंजुला सिंह ने बताया कि जब उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, तो उन्होंने मैनेजर राजेश प्रताप सिंह को घर बुलाकर बात की। मंजुला सिंह के अनुसार, मैनेजर राजेश प्रताप सिंह ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और यह स्वीकार किया कि उसने यह पूरा फर्जीवाड़ा उनकी बेटी भानवी सिंह के निर्देश पर किया था।
मंजुला सिंह ने आगे बताया कि राजेश ने अपना मोबाइल फोन उन्हें सौंप दिया है, जिसमें इस फर्जीवाड़े और अवैध वसूली से जुड़े कई रिकॉर्ड और चैट मौजूद हैं।
सबूत के तौर पर मोबाइल पुलिस को सौंपा-
शिकायतकर्ता मंजुला सिंह ने राजेश प्रताप सिंह का मोबाइल फोन पुलिस को सबूत के तौर पर सौंप दिया है और इसे सील करके जांच में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट की वसूली तो मैनेजर ने की, लेकिन अब इस पूरे फर्जीवाड़े की जिम्मेदारी उन पर थोपने की कोशिश की जा रही है।
मंजुला सिंह ने हजरतगंज पुलिस से मांग की है कि भानवी सिंह और राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और सबूतों की पुष्टि के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।










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