लखनऊ : मुस्लिम समुदाय के लिए बड़ी खबर है. लखनऊ की मरकजी चांद कमेटी ने ऐलान कर दिया है कि ईद उल अजहा की नमाज 7 जून को होगी. चांद कमेटी ने ऐलान किया है कि इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने जिल्हिज्जा का चांद 28 मई को नजर आ गया है. इसके आधार पर, ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पवित्र पर्व 7 जून शनिवार को मनाया जाएगा. इस कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने चांद दिखने की पुष्टि की है.
सऊदी अरब में चांद 27 मई को दिखा, जिसके आधार पर वहां 6 जून को ईद मनाई जाएगी. बकरीद का त्योहार हजरत इब्राहीम की अल्लाह के प्रति निष्ठा और बलिदान की याद में मनाया जाता है. इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग विशेष नमाज अदा करते हैं, जिसके बाद कुर्बानी की परंपरा निभाई जाएगी.
बकरीद की कुर्बानी में बकरे, भेड़ या दूसरे पशु की बलि दी जाती है. कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है, एक हिस्सा परिवार के लिए, एक रिश्तेदारों के लिए और एक गरीबों के लिए. यह त्योहार न केवल बलिदान का प्रतीक है, बल्कि एकता, दान और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है. लोग नए कपड़े पहनते हैं, एक-दूसरे से मिलते हैं और खुशियां बांटते हैं.










Discussion about this post