नई दिल्ली : कहते हैं ना कि सफलता पाने की कोई उम्र नहीं होती है और ना ही उम्र सफलता में बाधक बनती है। इस बात को साबित कर दिखाया है 32 साल की मिन्नू जोशी ने। शादी के बाद 23 साल की उम्र में वह मां बन गईं लेकिन पिता के सपने को पूरा करने के लिए वह 32 की उम्र में आईएएस बनीं।
मिन्नू केरल के एक छोटे गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता राज्य पुलिस में अधिकारी थे लेकिन ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था।
उनके पिता चाहते थे कि बेटी एक दिन सिविल सेवक बने। पिता के इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने खूब मेहनत की और इसे पूरा करके ही दम लिया।
अपने पिता की मृत्यु के मिन्नू को अनुकंपा नौकरी मिली और उन्हें पुलिस विभाग में क्लर्क बनीं। उन्होंने केरल विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स किया और UPSC की तैयारी में जुट गईं।
2015 में उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और 150वीं रैंक के साथ सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। उन्होंने बिना कोचिंग के सफलता हासिल की।
यूपीएससी पास करने से पहले उनकी शादी हो चुकी थी और बच्चा भी था। उनके पति जो ISRO में अधिकारी हैं और इस यात्रा में उनके साथ खड़े रहे।











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