बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत के पलड़ा गांव की सानिया के शव का सोमवार को एसडीएम और सीओ की निगरानी में डॉक्टरों के पैनल ने दोबारा पोस्टमार्टम किया, जिसमें सामने आया कि उसकी हत्या हाथों से गला और मुंह दबाकर की गई थी।
उधर, सानिया का शव लेने परिवार का कोई सदस्य नहीं आया, जबकि पोस्टमार्टम के बाद गांव के लोग शव ले गए। छह आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश भी दी।
पलड़ा गांव की रहने वाली सानिया 15 जुलाई को अपने प्रेमी सागर के साथ हिमाचल चली गई थी। उसकी तलाश में जुटे परिवार वालों ने दोनों को हिमाचल के ऊना जिले से पकड़कर पिटाई की और फिर नलकूप पर बंधक बनाकर पीटा गया। 23 जुलाई को परिवार वालों ने सानिया की हत्या कर शव कब्रिस्तान में दबा दिया था।
साथ ही ग्रामीणों को टीबी की बीमारी से मौत होने के बारे में बताया। एसपी से शिकायत होने के बाद दोघट पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो हत्या का पता चला। डीएम की अनुमति मिलने के बाद कब्रिस्तान में दबाए गए शव को निकालकर शनिवार को चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मौत होने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
पुलिस की आपत्ति दर्ज कराने के बाद मेरठ से फोरेंसिक विशेषज्ञ और दो चिकित्सकों का पैनल गठित कर सोमवार को दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि सानिया की हत्या हाथों से गला और मुंह दबाकर की गई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हो गई। मुकदमे में फरार आरोपियों की तलाशा में दबिश दी जा रही है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में प्रेमी सागर के साथ हिमाचल में पकड़ी गई पलड़ा गांव की सानिया की हत्या उसके ताऊ मतलूब, चचेरे भाई सादिक और एक नाबालिग आरोपी ने मुंह और गला दबाकर की थी। इसमें नाबालिग आरोपी ने पैर पकड़े और ताऊ, चचेरे भाई ने मुंह एवं गला दबाकर मार डाला। सानिया की जान बचाने के लिए उसकी मां-बाप खूब गिड़गिडाए लेकिन वह नहीं माने।
इसमें पुलिस ने नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और हत्या की साजिश में शामिल चार रिश्तेदारों समेत पांच फरार हैं। पलड़ा गांव की रहने वाली सानिया 15 जुलाई को अपने प्रेमी सागर के साथ हिमाचल चली गई थी।
उसकी तलाश में जुटे परिवार वालों ने दोनों को हिमाचल के ऊना जिले से पकड़कर जमकर पिटाई की। फिर गांव में नलकूप पर बंधक बनाकर पीटा। 23 जुलाई को परिवार वालों ने सानिया की हत्या का कब्रिस्तान में शव दबा दिया।
उन्होंने ग्रामीणों को टीबी की बीमारी से उसकी मौत होने के बारे में बताया। सागर के परिजनों के एसपी से शिकायत करने पर दोघट पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो हत्या का पता चला।
पुलिस की जांच में पता चला कि सानिया के घर से जाने के बाद परिवार वालों ने उसकी हत्या की साजिश रच ली थी। इसमें मृतका का ताऊ मतलूब, उसका बेटा, चचेरा भाई सादिक, एक नाबालिग आरोपी, मुजफ्फरनगर जिले के सुन्ना गांव के दो रिश्तेदार, असारा गांव के दो रिश्तेदार भी शामिल रहे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हत्या के दौरान सानिया को बचाने के लिए पिता वलीस और उसकी पत्नी ने काफी प्रयास भी किया लेकिन आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए मतलूब और सादिक को सानिया की हत्या का कोई अफसास नहीं हैं। उन्होंने कहा कि घर वापस आने के बाद वह सानिया की शादी कराना चाहते थे लेकिन सानिया शादी के लिए तैयार नहीं हुई और प्रेमी सागर के साथ शादी की जिद पर अड़ी रही।
उन्होंने कई बार समझाया फिर भी वह नहीं मानी। इसी बात पर उन्होंने सानिया की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि सागर को गलती से छोड़ दिया, इस गलती का अहसास बाद में हुआ। अगर सागर को भी मार देते तो ठीक रहता।
सानिया का शव निकालने के लिए कब्रिस्तान में पहुंचे पुलिस कर्मी मतलूब को भी लेकर आए। वहां पर मतलूब की निशानदेही पर कब्रिस्तान में खोदाई कराकर शव निकलवाया गया। कब्रिस्तान में ग्रामीणों का जमावड़ा भी लगा रहा।











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