मुजफ्फरनगर। सोमवार को विश्वकर्मा समाज के दर्जनों लोग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और दीवार तोड़कर दुकान पर कब्जा करने के मामले को लेकर एसपी संजय वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा नेता शेरपाल (जगदीश) पांचाल पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
एसएसपी संजय वर्मा के निर्देश पर मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, राजस्व विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। दोनों पक्षों की बात सुनी गई और मामले को आपसी सहमति से सुलझाने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसएसपी कार्यालय पर भाजपा और सपा के नेताओं की मौजूदगी सामाजिक समरसता की झलक पेश करती नजर आई।
समाज के प्रमुख नेता डॉ. नरेश विश्वकर्मा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रुड़की रोड स्थित पांचाल मार्केट में श्रीपाल जैन नामक व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। उन्होंने बताया कि श्रीपाल जैन खुद माफिया प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसने पहले भी दो-तीन दुकानदारों को परेशान कर उनकी दुकानें औने-पौने दामों में खरीद ली हैं।
विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि श्रीपाल ने दुकानों पर मकान बना लिए हैं और तीन फीट तक छज्जा और रैंप निकालकर अतिक्रमण किया हुआ है। अब वह दूसरी दुकान पर भी कब्जा करना चाहता है। उन्होंने बताया कि दीवार तोड़ने का निर्णय विवाद से बचने के लिए रात में लिया गया, ताकि टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
वहीं, दीवार तोड़ने के आरोपी भाजपा नेता शेरपाल पांचाल ने भी एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि श्रीपाल जैन ने अवैध रूप से छज्जा और रैंप बनाकर रास्ता घेर लिया है। दुकान कब्जाने के आरोप को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि वास्तव में श्रीपाल ही सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा करना चाहता है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। निष्पक्ष रूप से तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।










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