मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर में एक घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। बीती रात रतनपुरी थाना क्षेत्र के नावला गांव निवासी सलीम (55 वर्ष) की एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद 108 एंबुलेंस चालक की घोर लापरवाही के चलते जान चली गई।
साढ़े तीन घंटे तक घायल सलीम को लेकर एम्बुलेंस इधर से उधर भटकती रही, लेकिन समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा सकी। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रात के हादसे ने छीनी परिवार की खुशियां घटना बीती रात की है, जब सलीम अपने जवान बेटे सनव्वर के साथ कैराना से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। रतनपुरी के पास बुढ़ाना रोड पर उनकी बाइक सामने से आ रही शाहपुर थाना क्षेत्र के धनायन गांव निवासी एक युवक की बाइक से टकरा गई।
इस हादसे में सलीम, सनव्वर और दूसरा युवक बुरी तरह घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी। तीनों घायलों को 108 एम्बुलेंस के जरिए बुढ़ाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने सलीम की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
एंबुलेंस की लापरवाही ने लील ली सलीम की जान रात करीब साढ़े आठ बजे 108 एम्बुलेंस सलीम को लेकर बुढ़ाना सीएचसी से जिला चिकित्सालय के लिए रवाना हुई। उसी दौरान सलीम के दूसरे बेटे आरिफ को हादसे की खबर मिली और वह रात 9 बजे सीएचसी पहुंचा। वहां चिकित्सकों ने सनव्वर को भी प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आरिफ और अन्य परिजन सनव्वर को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू हो गया। लेकिन हैरानी की बात ये रही कि सलीम को लेकर निकली एम्बुलेंस साढ़े तीन घंटे बाद भी अस्पताल नहीं पहुंची।
परिजनों के मुताबिक, वे सनव्वर का इलाज शुरू कराने के बाद भी अपने पिता की एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। आखिरकार, रात 12 बजे के लगभग जब एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची, तब तक सलीम ने दम तोड़ दिया था। ये देखकर परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।











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