जयपुर। जावासापुर और सहारनपुर के बीच सक्रिय जाली नोटों के एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का जयपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच (CST) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 6 लाख 51 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने की मशीनें बरामद की हैं।
कार्रवाई की मुख्य बातें-
सहारनपुर से सरगना गिरफ्तार: जयपुर पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड गौरव पुडीर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दबोचा है। उसके पास से जाली नोट छापने वाले हाई-टेक उपकरण और सामग्री बरामद हुई है।
अन्य गिरफ्तारियां: सरगना के साथ पुलिस ने गोविंद चौधरी (झालावाड़) और देवेश फांडा (जयपुर) को भी गिरफ्तार किया है।
ऑपरेशन का नेतृत्व: यह बड़ी कामयाबी जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और विशेष पुलिस आयुक्त राहुल प्रकाश के निर्देशन में CST टीम को मिली है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ पहले भी जाली नोटों की तस्करी और जालसाजी के मामले दर्ज हैं।
कानूनी कार्रवाई-
जयपुर के चित्रकूट थाने में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक बाजार में कितने नकली नोट खपाए हैं।
पुलिस अब जाली नोट गिरोह के सप्लाई चेन, नेटवर्क और अन्य संलिप्त आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस अंतर्राज्यीय गिरोह की पूरी कड़ी को उजागर किया जा सके।











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