मुजफ्फरनगर। शुक्रवार की सुबह कुदरत का एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने लोगों को कड़ाके की ठंड के बीच ‘मिनी कश्मीर’ का एहसास करा दिया। सुबह करीब आठ बजे पूरा जनपद सफेद चादर (घने कोहरे) में लिपटा नजर आया, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठहर गया।
खबर की मुख्य बातें-
कश्मीर जैसा नजारा: देर रात से छाए घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुंच गई। हालत यह थी कि पास खड़ा व्यक्ति भी दिखाई नहीं दे रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की गलियां और सड़कें कश्मीर की वादियों जैसी धुंधली नजर आ रही थीं।
थमी रफ्तार, बढ़ी मुसीबत: सड़कों पर वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। लो-विजिबिलिटी और बिजली गुल होने के कारण अंधेरा छा गया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शीतलहर के कारण लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ महसूस हुई।
ठंड का ‘टॉर्चर’: स्थानीय युवाओं का कहना है कि पिछले 4-5 दिनों से सर्दी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हाड़ कंपाने वाली ठंड से बचने के लिए लोग एक के ऊपर एक कई कपड़े पहनने को मजबूर हैं।
जनजीवन प्रभावित: कड़ाके की सर्दी और कोहरे के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे। व्यापार और रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका गहरा असर पड़ा है।
प्रशासन ने घने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और इंडिकेटर व फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।










Discussion about this post