जयपुर। शुक्रवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब राजस्थान हाईकोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। अदालत का नियमित कामकाज शुरू होते ही प्रशासन की नजर इस धमकी भरे ईमेल पर पड़ी, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं।
परिसर में हड़कंप, सुनवाई रुकी-
सुरक्षा के मद्देनजर, हाईकोर्ट परिसर को एहतियातन तुरंत खाली करा लिया गया। सभी वकीलों, वादकारियों और कर्मचारियों को परिसर से बाहर सड़क पर भेज दिया गया। अचानक हुई इस घटना के चलते सभी कोर्ट रूम्स में चल रही सुनवाई तत्काल रोक दी गईं। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को सुरक्षा घेरा बनाकर बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी, जिससे हाईकोर्ट के बाहर भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तलाशी अभियान और जांच-
धमकी मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिस की कई टीमें, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कैंपस को कई जोनों में बांटकर सघन तलाशी अभियान (कॉम्बिंग ऑपरेशन) शुरू किया, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु की पहचान की जा सके।
अधिकांश धमकियां निकलीं फर्जी-
जयपुर पुलिस के अनुसार, पिछले सात महीनों से राजस्थान में लगातार ऐसी धमकियां मिल रही हैं, जिनमें ईमेल के जरिए सार्वजनिक स्थानों, अदालतों, सरकारी दफ्तरों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। गुरुवार को ही अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट को भी ऐसी ही धमकी मिली थी, जो बाद में फर्जी पाई गई। हालांकि हर बार ये धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन पुलिस हर अलर्ट को पूरी गंभीरता से ले रही है।
धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर टीम को लगाया गया है। जांच में सामने आया है कि अक्सर विदेशी सर्वर और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो गई है।
स्थिति सामान्य, प्रवेश बहाल-
तलाशी अभियान के बाद किसी भी संदिग्ध वस्तु के नहीं मिलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद अदालत परिसर में प्रवेश दोबारा शुरू कर दिया गया। पुलिस ने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।











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