मुज़फ्फरनगर। उत्तर भारत का गौरवशाली इतिहास समेटे सोरम में सर्वखाप के मंच से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की गूंज हुई। गोयला गांव की आठ साल की बेटी अंशिका बालियान को पगड़ी बांधी गई। नशे के खिलाफ बिगुल बचाने वाली मासूम बिटिया की खाप चौधरियों ने सराहना की।
बदलते परिवेश पर छात्रा ने कहा कि जब मां अनपढ़ थी तो बच्चे डॉक्टर, वकील और इंजीनियर बन रहे थे, अब शिक्षित हो गई तो बच्चे इंस्टाग्राम पर रील में उलझ गए हैं।
किसान योगेश बालियान की कक्षा तीन में पढ़ने वाली बेटी को सम्मान के साथ मंच पर लाया गया। संबोधन शुरू हुआ तो बुजुर्गों से कहा कि अपने बच्चों के सामने बैठकर बीड़ी, सिगरेट, शराब पीते हैं, इसमें सुधार करना होगा। यह बात याद रखना कि बच्चे बड़ों से ही सीखकर बड़े होते हैं।
मां बच्चे का सबसे बड़ा गुरु होती है। मोबाइल के बढ़ते प्रयोग पर अफसोस जताया। अंशिका के संबोधन से सर्वखाप पंचायत का पांडाल तालियों से गूंज उठा। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि अंशिका नशे के खिलाफ समाज को जगाने का काम कर रही है।










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