मुजफ्फरनगर। सर्वखाप सर्वजातीय महापंचायत सोरम के मंच से पहले दिन खाप चौधरियों, थांबेदारों और विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने सामाजिक कुरीतियों पर हल्ला बोला। हरियाणा से आए चौधरियों ने कहा कि लिव इन रिलेशनशिप को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। नशा, दहेज प्रथा और मृत्युभोज पर चिंता जताई गई। नई पीढ़ी में मोबाइल के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जताई गई।
शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ब्रह्मचारी ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ महापंचायत का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि खापों के गौरव को बढ़ाने के लिए सर्वखापों के सभी चौधरी और थांबेदारों को आपसी भेदभाव भुलाकर एक और नेक होना चाहिए, यह समय की आवश्यकता है।
ब्राह्मण समाज गठवाला खाप के बाबा सतेंद्र शर्मा, अहलावत खाप से चौधरी गजेंद्र अहलावत, सोनीपत जटवाड़ा से अशोक खत्री, मुरादाबाद से देवेंद्र सिंह जटराणा, घनघस खाप चौधरी सुखपाल सिंह, संयुक्त गुर्जर परिसंघ मेरठ के अध्यक्ष भोपाल सिंह, सतरोल खाप के फूल कुमार पेटवाड़ समेत अन्य सामाजिक लोगों और खाप चौधरियों ने मंथन किया। अध्यक्षता चौधरी हुकुम सिंह और संचालन श्री शुकदेव आश्रम ट्रस्टी ओमदत्त आर्य देव ने किया।
सर्वखाप सर्वजातीय पंचायत : पहले दिन मंथन के मोती-
– रात में शादी की रस्म 12 बजे के बाद नहीं होनी चाहिए।
– बेटियों की शिक्षा के लिए कन्या स्कूल-कॉलेज खोले जाएं।
– कन्या भ्रूण हत्या पर सर्वसमाज को एकजुट होना पड़ेगा।
– दहेज प्रथा, मृत्यु भोज के खात्मे के संकल्प का आह्वान किया।
– लिव इन रिलेशनशिप को समाज में नहीं दी जाए मंजूरी।
– परिवार में एक से अधिक बच्चे पर भी समाज करे चिंतन।
– नशे से राजस्व बढ़ता है लेकिन पीढ़ियां बिगड़ रही है।
– मोबाइल से बिखरे परिवार- संस्कार, नियंत्रण वक्त की जरूरत।
– महापुरुषों की जीवनी बच्चों को पढ़ाने पर जोर।
– स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रभक्ति का पाठ बच्चों को पढ़ाना जरूरी।
अंशिका को पगड़ी बांधकर चौधरी बोले…शाबाश लाडो-
सोरम में सर्वखाप के मंच से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की गूंज हुई। गोयला गांव की आठ साल की बेटी अंशिका बालियान को पगड़ी बांधी गई। नशे के खिलाफ बिगुल बचाने वाली मासूम बिटिया की खाप चौधरियों ने सराहना की।
बदलते परिवेश पर छात्रा ने कहा कि जब मां अनपढ़ थी तो बच्चे डॉक्टर, वकील और इंजीनियर बन रहे थे, अब शिक्षित हो गई तो बच्चे इंस्टाग्राम पर रील में उलझ गए हैं।
किसान योगेश बालियान की कक्षा तीन में पढ़ने वाली बेटी को सम्मान के साथ मंच पर लाया गया। संबोधन शुरू हुआ तो बुजुर्गों से कहा कि अपने बच्चों के सामने बैठकर बीड़ी, सिगरेट, शराब पीते हैं, इसमें सुधार करना होगा। यह बात याद रखना कि बच्चे बड़ों से ही सीखकर बड़े होते हैं।
बच्चे का सबसे बड़ा गुरु होती है। मोबाइल के बढ़ते प्रयोग पर अफसोस जताया। अंशिका के संबोधन से सर्वखाप पंचायत का पांडाल तालियों से गूंज उठा। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि अंशिका नशे के खिलाफ समाज को जगाने का काम कर रही है।










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