मुजफ्फरनगर। धनतेरस के शुभ अवसर पर मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के सफाई कर्मचारी अपनी तीन महीने की लंबित सैलरी को लेकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उन्हें जल्द भुगतान नहीं मिला तो वे इस बार दीपावली अपने घर के बजाय अस्पताल में ही धरने पर बैठकर मनाएंगे।
सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर और स्थानीय ठेकेदार उनके साथ हैं, लेकिन जिस कंपनी के माध्यम से उन्हें रखा गया है, वह तीन महीने से उनका वेतन जारी नहीं कर रही है।
CMS ने दिलाया भरोसा-
मामले की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. संजय वर्मा ने धरने पर बैठे कर्मचारियों से बात की और उन्हें दीपावली से पहले वेतन दिलाने का भरोसा दिया।
सीएमएस डॉ. संजय वर्मा ने मीडिया को बताया कि ये सफाई कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट बेस पर रखे गए हैं और इन्हें सैलरी संबंधित कंपनी द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा, “इस संबंध में हमारी कंपनी से बात हुई थी, तो उन्होंने बताया कि उनका पोर्टल नहीं चल रहा है, जिसकी वजह से सैलरी नहीं दी गई है।
अधिकारियों पर काम रोकने का आरोप-
धरने पर बैठी महिला सफाई कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी वे सैलरी की मांग करती हैं, तो अधिकारी उन्हें काम करने से मना कर देते हैं और कहते हैं कि “जब तक सैलरी नहीं मिलेगी काम मत करना।
कर्मचारियों ने कहा कि एक दिन बाद ही देशभर में दीपावली का सबसे बड़ा त्योहार मनाया जाएगा, लेकिन तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके घरों में दीपावली मनाना मुश्किल है। यह सवाल उठता है कि यदि कामगार मजदूर को त्योहार के समय पर भी वेतन नहीं मिलेगा तो उनके घर में खुशियाँ कैसे आएंगी।










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