मुजफ्फरनगर। जिले में हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश नईम कुरैशी के जनाजे के दौरान उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब शव पर हक को लेकर उसके परिजन और ससुराल पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, वहीं एक व्यक्ति द्वारा पिस्टल से फायरिंग की कोशिश का भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामला मीरापुर थाना क्षेत्र का है, जहां 28 सितंबर को पुलिस ने एनकाउंटर में कुख्यात बदमाश नईम कुरैशी को ढेर कर दिया था। नईम कुरैशी पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में करीब 35 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह पश्चिम उत्तर प्रदेश के चर्चित नफीस कालिया गैंग का सदस्य बताया जा रहा है और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
एनकाउंटर के बाद नईम कुरैशी के शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने लाश उसके ससुराल वालों को सौंप दी थी, जो मीरापुर के निवासी हैं। लेकिन शव को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ जब नईम के खालापार, मुजफ्फरनगर निवासी परिजन मौके पर पहुंचे और शव पर अपना हक जताने लगे। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि जनाजे के दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान एक व्यक्ति द्वारा हथियार निकालकर फायरिंग करने की कोशिश भी की गई, जो मौके पर मौजूद किसी शख्स ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद थाना मीरापुर में करीब 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि वीडियो में एक व्यक्ति के हाथ में संदिग्ध काले रंग की वस्तु दिखाई दे रही है, जो प्रथम दृष्टया पिस्टल या अवैध हथियार प्रतीत हो रही है। पुलिस ने संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अब वायरल वीडियो, चश्मदीदों और मौके की स्थिति के आधार पर दोषियों की पहचान कर रही है। साथ ही इस बात की भी जांच हो रही है कि जनाजे के दौरान हथियार किस तरह से मौके पर पहुंचा और क्या स्थानीय प्रशासन को इसकी पूर्व सूचना दी गई थी।










Discussion about this post